पूर्व कप्तान कपिल देव ने सचिन तेंदुलकर के 40वें जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ बिताए बीते हुए पलों को याद किया।
उन्होंने बताया कि सचिन जब पहली बार 1990 में इंग्लैंड दौरे पर गए थे तो अपने साथ स्कूल की किताबें ले गए थे।
कपिल ने कहा, ‘1990 में इंग्लैंड दौरे के दौरान उनकी उम्र सिर्फ 17 वर्ष थी। वह काफी चुप थे और वह अपने साथ 10वीं क्लास की स्कूली किताब ले जा रहे थे।’
उन्होंने बताया, ‘सचीन काफी शर्मीले थे और ज्यादा बात नहीं कर रहे थे। वह एक आम बच्चे की तरह थे लेकिन उस उम्र में उनमें दो बातें काफी खास थी। उनका संतुलन काफी अच्छा, अविश्वसनीय था और वह बॉल को हिट नहीं करते थे। उनका बल्ला काफी भारी था और वह गेंद को पुश करते थे। उस दौरान मैंने किसी को इतने भारी बल्ले का इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा था।’