फॉरमेट और पिच का मिजाज क्या बदला दक्षिण अफ्रीकी टीम की गाड़ी पटरी से उतरने लगी है। टी-20 और वनडे सीरीज में जीत के बाद टेस्ट सीरीज में मिली पहली हार से मेहमान टीम बैकफुट पर पहुंच गई है।
मोहाली में टर्निंग ट्रैक के आगे दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम के बल्लेबाजों की फॉर्म गुम होने लगी है। बंगलूरू में 14 नवंबर से होने वाले दूसरे टेस्ट में आर अश्विन, रविंद्र जडेजा और अमित मिश्रा की भारतीय स्पिन तिकड़ी फिर से मेहमान टीम को मुश्किलों में डाल सकती है। चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच भी अमूमन स्पिनरों का साथ देती है।
खासतौर पर चौथी पारी में बल्लेबाजों को यहां खासी दिक्कतें होती हैं। इस मैदान में अगर भारतीय रिकॉर्ड की बात करें तो सर्वाधिक विकेट स्पिनर अनिल कुंबले के नाम हैं।
दक्षिण अफ्रीका की टीम जब सीरीज के लिए रवाना हुई थी तो उसने भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से अपनी टीम में लेग स्पिनर इमरान ताहिर, साइमन हार्पर और डीन एल्गर को भी शामिल किया था। हालांकि दक्षिण अफ्रीकी स्पिनरों ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया लेकिन भारतीय स्पिन तिकड़ी ज्यादा प्रभावशाली रही।
मुरली विजय के लिए बेहद खास है यह मैदान
मोहाली टेस्ट में भारतीय कप्तान विराट कोहली के बेहतर गेमप्लान ने भी अहम भूमिका निभाई जिसने आर अश्विन से अटैक शुरू करवाया और समय पर सही गेंदबाजी बदलाव करके मेहमान टीम के बल्लेबाजों को पहले टेस्ट में राहत नहीं लेने दी। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हाशिम अमला कह भी चुके हैं कि पिच की टर्न से ज्यादा बल्लेबाजों के शॉट चयन में दिक्कत थी।
दूसरी ओर, भारतीय सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने मोहाली में खेले गए पहले टेस्ट की पहली पारी में 75 रन बनाए थे और दूसरी पारी में भी वह अर्द्धशतक से तीन रन से चूक गए थे। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे मुरली विजय के लिए बंगलूरू का मैदान वैसे भी पसंदीदा है। उन्होंने यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010 में सचिन तेंदुलकर के साथ तीसरे विकेट पर 308 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी।
डुमिनी की वापसी दे सकती मेहमानों को मजबूती
ऑलराउंडर जेपी डुमिनी की अनुपस्थिति पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीकी टीम को भारी पड़ा था। डुमिनी अपनी ऑफ स्पिन गेंदों के अलावा बल्लेबाजी से भी उपयोगी योगदान करने में सक्षम हैं। आईपीएल के जरिए भारतीय पिच और परिस्थितियों से डुमिनी खासे वाकिफ हैं। उम्मीद है कि दूसरे टेस्ट में वह फिट होकर दक्षिण अफ्रीकी टीम में वापसी करेंगे।
डुमिनी को वनडे सीरीज के तीसरे मैच में चोट लग गई थी। तभी से वह टीम से बाहर हैं। उनके हाथ में टांके लगे थे जिन्हें हटा दिया गया है। डुमिनी की वापसी टीम के लिए इसलिए भी जरूरी है क्योंकि मांसपेशियों में खिंचाव के चलते अभी तेज गेंदबाज डेल स्टेन की फिटनेस को लेकर भी समस्या बनी हुई है।