यदि सलामी बल्लेबाज सूर्य कुमार यादव को छोड़ दें तो मुंबई के बाकी बल्लेबाजों को संघर्ष करना पड़ा है। ज्यादा बल्लेबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है। कप्तान रोहित ही पांच मैचों में 20 रन पार नहीं कर पाए हैं। उन्हें बड़ी पारी खेलने की जरूरत है। सात मैचों में अभी तक रोहित ने 196 रन बनाए हैं। उन्हें या तो पिछले मैच की तरह तीसरे क्रम पर या ओपनिंग पर आने की जरूरत है ताकि उन्हें पारी जमाने का समय मिल सके। पांड्या बंधु हार्दिक और क्रुणाल जोकि गेंद से अच्छा करने में सफल रहे हैं लेकिन उन्हें बल्ले से भी अच्छा करने की दरकार है।
अब तक उन्होंने सात मैचों में क्रमश: 61 और 113 रन ही बनाए हैं। पिछले मैच में कीरोन पोलार्ड की जगह उतरे जेपी डुमिनी फिर टीम प्रबंधन की योजनाओं का हिस्सा हो सकते हैं। पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला क्योंकि मुंबई ने बिना उनकी सेवाओं के ही जीत हासिल कर ली थी। मुंबई को गेंदबाजी में भी संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि टीम एक इकाई के रूप में बेहतर नहीं कर पा रही है। बेशक युवा स्पिनर मयंक मारकंडे अब तक सात मैचों में दस विकेट ले चुके हैं। डेथ ओवरों के स्पेशलिस्ट जसप्रीत बुमराह और मुस्ताफिजुर रहमान ने क्रमश: 7 और 6 विकेट लिए हैं।
आरसीबी दुआ कर रही होगी कि उसके बल्लेबाज एबी डीविलियर्स फिट हो जाएं। वह पिछले मैच में बुखार होने के कारण नहीं उतर सके थे। दक्षिण अफ्रीकी स्टार इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। चेन्नई के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों पर 68 और दिल्ली के खिलाफ 39 गेंदों पर नाबाद 90 रन बनाए थे।
इस मुश्किल घड़ी में कप्तान कोहली एक बार फिर खास पारी खेलना चाहेंगे। कोहली ने मुंबई और केकेआर के खिलाफ दो 92 और 68 रन की दो नाबाद पारियां खेली हैं। ओपनर क्विंटन डि कॉक ने अब तक 194 रन बनाए हैं और वह अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगे।