सरकारी कंपनियों के विनिवेश पर उन्होंने कहा कि अब कुल लाभ कमा रही कंपनियों में शेयरों के संभावित मूल्य का लाभ उठाने की कोशिश है। इसके लिए पहले उनका प्रदर्शन सुधारा जाएगा और फिर कुछ शेयर बेचे जा सकते हैं, ताकि सरकार को लाभ हो।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पहले आयोग को सरकारी कंपनियों को विनिवेश पर विचार करने के लिए कहा था। आयोग ने 40 बीमार पीएसयू के रणनीतिक विनिवेश का सुझाव दिया था। सरकार को मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी कंपनियों के विनिवेश से 80,000 करोड़ रुपये की उगाही की उम्मीद है।
सरकारी बैंकों के निजीकरण पर सोचना जल्दबाजी होगी
हाल में सामने आए बैंकिंग गबन पर उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों में कारपोरेट गवर्नेंस पर पीजे नायक समिति पर गौर किया जाना चाहिए, जिसने सुधार के लिए कुछ कदमों की सिफारिश की है। इसमें बैंकों की एक होल्डिंग कंपनी की स्थापना शामिल है। सीधे सरकारी बैंकों के निजीकरण के बारे में सोचना, जल्दबाजी होगी। इस पर अधिक गहराई से विश्लेषण की जरूरत है।
ई-वाहन नीति पर न रहे भ्रम
कुमार ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लेकर कोई भी भ्रम नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नीति आयोग को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह इस पर एक प्रारूप तैयार करे और संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय स्थापित करे, ताकि देश में ई-वाहन कार्यक्रम में तेजी लाने लिए जरूरी कदम उठाया जाना सुनिश्चित हो सके। एजेंसी