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Ritika Sajdeh: 'वो खतरा कहते हैं, हम धड़कन', कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रितिका सजदेह का पोस्ट

Wed, 13 Aug 2025 06:11 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रितिका ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर लिखा, 'वो उसे खतरा कहते हैं, हम धड़कन, आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से हर एक आवारा कुत्ते को उठाकर बंद कर दो। न धूप, न आजादी, न ही वो जाने-पहचाने चेहरे जिन्हें वो हर सुबह देखते हैं। लेकिन ये सिर्फ आवारा कुत्ते नहीं हैं। ये वो हैं जो चाय की दुकान के बाहर बिस्किट के लिए आपका वेट करते हैं। ये दुकानदारों के लिए साइलेंट गार्ड्स हैं।'
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रितिका सजदेह - फोटो : ritika sajdeh-instagram
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्ट्रे डॉग्स यानी आवारा कुत्तों को लेकर बड़ा आदेश दिया। इसमें कहा गया कि उन्हें शेल्टर होम्स में रखा जाए और खुले में ना छोड़ा जाए। इस मामले पर अब अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ इसका समर्थन कर रहे हैं जबकि कुछ उच्च न्यायालय के फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टा स्टोरी पर कुत्तों के प्रति अपना प्यार जाहिर किया। 
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'वो उसे खतरा कहते हैं, हम धड़कन...'
रितिका ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर लिखा, 'वो उसे खतरा कहते हैं, हम धड़कन, आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से हर एक आवारा कुत्ते को उठाकर बंद कर दो। न धूप, न आजादी, न ही वो जाने-पहचाने चेहरे जिन्हें वो हर सुबह देखते हैं। लेकिन ये सिर्फ आवारा कुत्ते नहीं हैं। ये वो हैं जो चाय की दुकान के बाहर बिस्किट के लिए आपका वेट करते हैं। ये दुकानदारों के लिए साइलेंट गार्ड्स हैं। यह अपनी टेल वेग करते हैं जब बच्चे स्कूल से आते हैं। वे ठंडे, बेपरवाह शहर में गर्माहट हैं। हां, कुछ परेशानियां हैं, काटना, सुरक्षा की चिंताए। लेकिन, जानवरो की एक पूरी कम्यूनिटी को केज में बंध कर देना इसका समाधान नहीं है, बल्कि उनके खत्म करना है। असली हल क्या है? बड़े पैमाने पर नसबंदी कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण अभियान, कम्यूनिटी फीडिंग जोन और अडॉप्ट करने के अभियान। उन्हें सजा देना या कैद करना सही नहीं। एक समाज जो अपने बेजुबानों को बचा नहीं सकता है वो अपनी इंसानियत खो रहा है। आज कुत्ते हैं, कल कौन होगा? अपनी आवाज उठाओ, क्योंकि उनके पास है नहीं, प्लीज इसको शेयर करें।'

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क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों के काटने से जुड़े केसों का संज्ञान लेते हुए आदेश दिया कि देश की राजधानी और इसके आसपास मौजूद शहरों से छह से आठ हफ्ते के अंदर सभी आवारा कुत्तों को गलियों से हटाया जाए। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने आवारा कुत्तों की वजह से पैदा हो रही समस्याओं को जबरदस्त खतरा बताया और कहा कि नवजातों और छोटे बच्चों को किसी भी कीमत पर आवारा कुत्तों के काटने और रेबीज के खतरे से दूर रखना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक हेल्पलाइन स्थापित करने के भी निर्देश दिए। इस हेल्पलाइन पर लोग कुत्तों के काटने की घटनाओं को रिपोर्ट कर सकेंगे। अदालत ने आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई में बाधा डालने वालों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
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