भारतीय क्रिकेट इतिहास में महेंद्र सिंह धोनी वो नाम हैं जिन्होंने कप्तान के रूप में वह कर दिखाया जो आज तक कोई और नहीं कर सका। धोनी ने तीनों प्रमुख आईसीसी ट्रॉफियां- 2007 टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, अपनी कप्तानी में जीतकर भारतीय क्रिकेट को स्वर्ण युग दिया, लेकिन अब जब हम रोहित शर्मा की उपलब्धियों पर नजर डालते हैं, तो वह इस 'ट्रिपल क्राउन' को पूरा करने से बस एक कदम दूर रह गए।
रोहित की कहानी का एक पन्ना अधूरा रह गया
रोहित शर्मा ने कप्तान के तौर पर भारतीय टीम को नई दिशा दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप जीतकर 17 साल बाद इस फॉर्मेट में खिताब हासिल किया। इसके अलावा भारत ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया, लेकिन 2023 के वनडे विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार ने इस उपलब्धि को अधूरा छोड़ दिया। वह जीत जो उन्हें धोनी की बराबरी पर ला सकती थी, हाथ से फिसल गई। यही वह अधूरा सपना है जिसे अब 'कप्तान' रोहित शायद कभी पूरा नहीं कर पाएंगे। रोहित की तरह विराट का भी बतौर कप्तान वनडे विश्व कप जीतने का सपना था। हालांकि, 2019 विश्व कप के सेमीफाइनल में हार से वह भी अधूरा रह गया था।
2027 विश्व कप पर अनिश्चितता
अब जब मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने यह कहा है कि “रोहित और विराट दोनों 2027 विश्व कप को लेकर नॉन-कमिटल हैं,” तो इस बात की संभावना बेहद कम दिखती है कि रोहित 2027 के वनडे विश्व कप में कप्तान के रूप में नजर आएंगे। यानी भारतीय वनडे टीम अब आगे निकल चुकी है और चयनकर्ताओं की नजर 2027 वनडे विश्व कप के लिए एक नए कप्तान के नेतृत्व में टीम बनाने पर है। रोहित-विराट दोनों ऑस्ट्रलिया दौरे पर तो जाएंगे, लेकिन वह कब तक इस प्रारूप में खेलना जारी रखेंगे, यह कहना नामुमकिन है। रोहित 2027 वनडे विश्व कप टूर्नामेंट होने तक 40 वर्ष के हो जाएंगे (विराट 38 साल के)। ऐसे में अब टीम इंडिया की वनडे कमान शुभमन गिल को सौंप दी गई है। इससे साफ है कि चयन समिति अब भविष्य की तैयारी में जुट चुकी है और रोहित के लिए कप्तान के रूप में वापसी का रास्ता लगभग बंद हो गया है।
विराट भी नहीं दोहरा सके कप्तानी की सफलता
विराट कोहली ने भी बतौर कप्तान भारत को कई ऐतिहासिक जीतें दिलाईं, लेकिन वे किसी आईसीसी ट्रॉफी को अपने नाम नहीं कर पाए। उनकी कप्तानी में भारत 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार गया था। हालांकि, कोहली बतौर खिलाड़ी धोनी की कप्तानी में दो बड़ी ट्रॉफियां- 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीत चुके हैं। इसके अलावा वह रोहित की कप्तानी में 2024 टी20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी भी जीत चुके हैं, लेकिन बतौर कप्तान उनका चैंपियन बनने का सपना अधूरा रह गया।
रोहित-विराट युग का संभव अंत
अब जबकि दोनों दिग्गज 2027 विश्व कप को लेकर अनिश्चित हैं, और युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय क्रिकेट का एक सुनहरा युग अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, लेकिन धोनी जैसी ‘ट्रिपल क्राउन’ उपलब्धि हासिल करने का सपना शायद अब सिर्फ एक कहानी बनकर रह जाएगा।
फैंस की आंखें नम, एक युग का अंत
सोशल मीडिया पर पहले ही ‘थैंक यू रोहित-विराट’ ट्रेंड कर रहा है। फैंस मानते हैं कि अगर दिसंबर में (दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज) वे घरेलू दर्शकों के सामने अलविदा कहते हैं तो यह पल बेहद भावुक होगा। धोनी ने जिस तरह वानखेड़े पर वर्ल्ड कप फाइनल जीतकर भारतीय फैंस को जिंदगी भर का तोहफा दिया था, वैसे ही रोहित और विराट का सफर भी करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की यादों में हमेशा दर्ज रहेगा। चाहे वे 2027 विश्व कप खेलें या नहीं, लेकिन भारतीय क्रिकेट की गाथा में रोहित-विराट का अध्याय स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।