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Rohit Sharma: डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय की बड़ी घोषणा, विशेष सम्मान से नवाजे जाएंगे पूर्व कप्तान रोहित शर्मा

Wed, 21 Jan 2026 10:21 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को क्रिकेट में उनके अतुलनीय योगदान और नेतृत्व के लिए अजींक्य डी.वाई. पाटिल विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में प्रदान किया जाएगा।
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रोहित शर्मा - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा को क्रिकेट में उनके अतुलनीय योगदान और अनुकरणीय नेतृत्व के लिए शनिवार को यहां अजींक्या डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय (एडीवाईपीयू) के दीक्षांत समारोह में मानद डॉक्टरेट (डी.लिट.) की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने बुधवार को घोषणा की कि उसके ऐतिहासिक 10वें दीक्षांत समारोह में रोहित प्रमुख आकर्षण होंगे।
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विश्वविद्यालय ने कहा, 'प्रशंसक उन्हें क्रिकेट के हिटमैन के रूप में जानते हैं, लेकिन दीक्षांत समारोह रोहित शर्मा के लिए एक अलग तरह का मील का पत्थर है। रोहित को इस समारोह में खेल जगत में उनके अद्वितीय योगदान और विश्व मंच पर उनके अनुकरणीय नेतृत्व के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।' टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके 38 वर्षीय रोहित अब भारत की तरफ से केवल वनडे क्रिकेट में ही खेलते हैं।
 
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कभी टीम को जिताया, अब बाहर बैठकर देखेंगे विश्व कप
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने जियो हॉटस्टार पर कहा कि पहली बार टी20 विश्व कप को बाहर बैठकर देखना उनके लिए बेहद अजीब और भावनात्मक अनुभव होगा। अब वह और विराट कोहली केवल वनडे प्रारूप खेलते हैं। रोहित ने बताया कि किसी वैश्विक टूर्नामेंट से दूर रहना द्विपक्षीय सीरीज की तुलना में कहीं अधिक कठिन होता है, क्योंकि वह अब तक हर टी20 विश्व कप का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अपने कप्तानी कार्यकाल के दौरान लिए गए कठिन चयन फैसलों पर भी आत्ममंथन किया। रोहित के अनुसार, नेतृत्व की सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों का भरोसा बनाए रखते हुए सही टीम संयोजन चुनना है। उन्होंने श्रेयस अय्यर, दीपक हुड्डा, मोहम्मद सिराज और युजवेंद्र चहल से जुड़े फैसलों का उदाहरण देते हुए कहा कि हर निर्णय के पीछे टीम संतुलन की ठोस वजह होती है। रोहित ने कहा कि उनकी नेतृत्व शैली खुली बातचीत, आपसी सम्मान और सहज माहौल पर आधारित रही। साथ ही उन्होंने युवा और एकजुट भारतीय टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि निरंतरता ही विश्व कप जीतने की कुंजी है।
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