भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार को स्वीकार किया कि अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप में जाने वाली टीम के लिए डेथ बॉलिंग चिंता का विषय है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई है कि गेंदबाज जल्द ही अपनी लय हासिल कर लेंगे। एशिया कप में पिछले कुछ मैचों में भारत की डेथ बॉलिंग खराब रही, जिससे टीम जल्दी बाहर हो गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच में भारत 208 रन का बचाव नहीं कर सका। ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम तीन ओवरों में 53 रन बनाकर चार विकेट से जीत दर्ज की।
दूसरे और तीसरे मैच में भी भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में जमकर रन लुटाए, लेकिन बल्लेबाजों ने बाकी दोनों मैच जिताकर सीरीज अपने नाम की। इस सीरीज के बार रोहित ने डेथ ओवर की गेंदबाजी को लेकर चिंता जाहिर की है। मैच के बाद टीम के लिए चिंता के बारे में पूछे जाने पर रोहित ने कहा, "बहुत सारे क्षेत्र हैं, विशेष रूप से, हमारी डेथ बॉलिंग चिंता का विषय है। हर्षल और बुमराह लंबे समय के बाद आ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के मध्य और निचले क्रम को जानना कठिन है, मैं वास्तव में उस पर गौर नहीं करना चाहता। वे एक ब्रेक के बाद आ रहे हैं, वे समय के साथ बेहतर करेंगे। उम्मीद है, वे वापस लय में लौटेंगे। हर्षल पटेल और जसप्रीत बुमराह दोनों लंबी चोट के बाद वापसी कर रहे हैं, जबकि भुवनेश्वर कुमार ने भी डेथ ओवरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है।
रोहित ने कहा कि वह टीम के प्रदर्शन से खुश हैं, क्योंकि उन्होंने रविवार को ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से जीत ली। उन्होंने कहा "हम एक शो करना चाहते थे, और हमने वह अच्छा किया। सबसे बड़ी सकारात्मक बात यह थी कि अलग-अलग खिलाड़ियों ने गेंद और बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया। जब आप वापस बैठकर यह सब देख रहे होते हैं, तो आप अच्छा महसूस करते हैं। कभी-कभी आप बहुत सी चीजें करने में गलती कर सकते हैं। यह टी20 क्रिकेट है, और गलती की गुंजाइश कम है। मुझे लगा कि हमने मौके भुनाए, हम अच्छा खेले। कभी-कभी नतीजे पक्ष में नहीं मिले, लेकिन यह एक सीख है हम इसे स्वीकार करते हैं।"
दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 48 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली और भारत ने 187 रनों का पीछा किया। विराट ने पहले संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन सूर्यकुमार के आउट होने के बाद तेजी से रन बनाए। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने आखिरी गेंद पर चौका लगाकर भारत को जीत दिलाई। कोहली ने कहा "मुझे अपने अनुभव का उपयोग करना पड़ा और जैम्पा के खिलाफ आक्रमण करना पड़ा। मैंने उसके पीछे जाने का मन बना लिया। वह एक गुणवत्ता वाला गेंदबाज है और मेरे स्कोरिंग को नियंत्रित करने की कोशिश करता है। मुझे पता था कि वह मेरे स्टंप पर हमला कर रहा था, इसलिए मैं लेग स्टंप के बाहर था कोहली ने मैच के बाद कहा।
सूर्यकुमार को लेकर विराट ने कहा "उनके पास किसी भी स्थिति में बल्लेबाजी करने का खेल है, उन्होंने इंग्लैंड में शतक बनाया, फिर एशिया कप में अच्छी बल्लेबाजी की। यहां वह गेंद पर प्रहार कर रहे हैं जैसा कि मैंने उन्हें पिछले छह महीनों में देखा है। सही समय पर शॉट खेलना अच्छा कौशल है, और वह ऐसा करता है।"
कोहली ने कहा, "खेल को इतना लंबा नहीं चलना चाहिए था, और हमें आखिरी ओवर में चार या पांच रन का पीछा करना चाहिए था। मेरा संयम बनाए रखना और एक चौका लगाना महत्वपूर्ण था जो मैं करने में सक्षम था।"