पिछले कुछ महीनों में वनडे क्रिकेट को खत्म करने को लेकर कई बयान सामने आए। कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों और एक्सपर्ट्स ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय दी है। कुछ का मानना है कि वनडे आने वाले वर्षों में खत्म हो जाएगा। वहीं, कुछ का मानना है कि यह क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और आलोचनाओं के बावजूद इस फॉर्मेट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
हाल ही में इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने वर्क लोड मैनेजमेंट का हवाला देते हुए वनडे प्रारूप से संन्यास ले लिया था। इसके बाद से ही इसको लेकर बहस शुरू हुई थी। हालांकि, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का मानना कुछ अलग है। उन्होंने वनडे को लेकर चल रही बहस को खारिज किया और कहा कि यह सब बेकार की बाते हैं।
रोहित ने एक स्पोर्ट्स वियर ब्रांड द्वारा आयोजित इवेंट में कहा- मेरा नाम ही वनडे क्रिकेट से बना है। इसलिए ये बातें बेवजह हैं। लोग पहले टेस्ट क्रिकेट को लेकर ऐसी बातें करते थे। अब वनडे को लेकर ऐसी बातें कह रहे हैं। मेरे लिए क्रिकेट महत्वपूर्ण है, चाहे वह कोई सा भी प्रारूप हो। मैं कभी यह नहीं कहूंगा कि वनडे खत्म हो रहा है या टी-20 खत्म हो रहा है या टेस्ट खत्म हो रहा है।
रोहित ने कहा- क्रिकेट का कोई और प्रारूप भी होता तो वह भी मैं खेलता, क्योंकि मेरे लिए क्रिकेट महत्वपूर्ण है। बचपन से ही मैंने भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखा था। जब भी हम वनडे खेलते हैं तब स्टेडियम खचाखच भरा होता है। ऐसे में उत्साह बना रहता है। अब हर किसी की एक पसंद है कि वह कौन सा प्रारूप खेलना चाहता है, लेकिन मेरे लिए तीनों फॉर्मेट महत्वपूर्ण हैं।
रोहित ने कहा कि वह कभी भी देश के लिए खेलने को किसी भी लीग पर तरजीह देंगे। उन्होंने कहा- मुझे नहीं पता कि लोग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट या लीग किसे ज्यादा तरजीह देते हैंस लेकिन मुझे व्यक्तिगत तौर पर देश के लिए खेलना ज्यादा पसंद है। आने वाले समय में पता चलेगा कि कौन सा खिलाड़ी क्या पसंद करता है। भारतीय क्रिकेट में अब भी खिलाड़ी देश को तरजीह देते हैं। इसके अलावा हम आईपीएल खेलते हैं।
रोहित ने कहा- टीम इंडिया में युवा खिलाड़ियों को मौका मिलता रहा है और उन्हें एक्सपोजर मिल रहा है। हमारा उद्देश्य बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करना रहा है। जिम्बाब्वे में भी बहुत से नए खिलाड़ी गए हैं। चाहे वह शाहबाज अहमद हो या राहुल त्रिपाठी। यह युवा क्रिकेटरों के लिए एक अच्छा मौका है।