जब से मैदान पर रिजवान उतरे तब से ऐसा लगा कि वही कप्तानी कर रहे हैं। वह खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश देते नजर आए। साथ ही फील्डिंग लगाते भी नजर आए। हालांकि, विकेटकीपिंग सरफराज अहमद ही कर रहे थे। क्रिकेट के नियम 24.1.2 के मुताबिक, सब्सटिट्यूट खिलाड़ी मैदान पर खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश तो दे सकते हैं, लेकिन कप्तान की तरह मैदान पर कोई फैसला नहीं ले सकता और न ही गेंदबाजी कर सकता है। डीआरएस जैसे नियम लेने की अनुमति सिर्फ कप्तान के पास होती है। ऐसे में न्यूजीलैंड की पारी के 53वें ओवर में कप्तान को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो गई।
दरअसल, इस ओवर में डेवोन कॉन्वे के खिलाफ पाकिस्तान ने एल्बीडब्ल्यू की अपील की। इस पर ऑनफील्ड अंपायर अलीम डार ने नॉटआउट दिया। इसके बाद रिजवान ने विकेटकीपर सरफराज समेत बाकी खिलाड़ियों से बातचीत कर रिव्यू लेने का फैसला किया। रिजवान और सरफराजा दोनों अंपायर की ओर बढ़े और एकसाथ डीआरएस का टी साइन बनाया। इससे कन्फ्यूजन पैदा हो गया कि बाबर की जगह स्टैंड इन कैप्टन कौन है।
हालांकि, अंपायर ने शायद सरफराज की अपील को मानकर रिव्यू लिया और रिव्यू में कॉन्वे आउट करार दिए गए। बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी सफाई दी और बताया कि बाबर की जगह कौन कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभा रहा था। पाकिस्तान क्रिकेट के मुताबिक बाबर की जगह सरफराज ही स्टैंड इन कैप्टन थे। ऐसे में अब रिजवान की जगह खतरे में पड़ती दिखाई पड़ रही है।
पाकिस्तान की पहली पारी 438 रन पर समाप्त हुई थी। कप्तान बाबर आजम ने 161 रन और अघा सलमान ने 103 रन की पारी खेली थी। इन दोनों के बाद सरफराज ही सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। सरफराज ने 86 रन बनाए थे। करीब चार साल बाद उनकी टेस्ट टीम में वापसी हुई। रिजवान की जगह विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर सरफराज को तरजीह दी गई। ऐसे में बल्ले से प्रदर्शन कर सरफराज ने टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली है। न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में खबर लिखे जाने तक चार विकेट पर 350 से ज्यादा रन बना लिए हैं।