बावजूद इसके डीके ने हार नहीं मानी। घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त संघर्ष किया। आखिरकार तीन साल बाद चयनकर्ताओं पर खुद की वापसी का दबाव बनाने में कामयाब रहे।
आंकड़े जरूर तमिलनाडु के इस खिलाड़ी के पक्ष में न हो। मगर यकीनन डीके की काबिलियत और खेल का अंदाज एकदम जुदा। वापसी के बाद से कार्तिक ने बल्लेबाजी के अंदाज में जबरदस्त बदलाव लाया। तेज गति से रन बनाने और दबाव झेल जाने के सफल कॉकटेल ही इस खिलाड़ी को पंत से बड़ा बनाता है।
दूसरी ओर युवा ऋषभ पंत महज 21 साल की उम्र में ही दुनिया के सामने अपना माहौल बना चुके हैं। बीते कुछ समय में उन्हें बहुत मौके दिए गए। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वन-डे टीम में जगह न मिलने से हर कोई सन्न था। पता नहीं उन्हें किसने टीम से बाहर किया। वैसे चयनकर्ताओं ने बात में सफाई दी कि पंत को आराम दिया गया है।
इतना तो तय है कि दोनों में जो कोई भी आगे जाता है वह विश्वकप टीम में जगह बना सकता है, इस पर मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के बीच कुछ मतभेद हो सकते हैं।
रोहित शर्मा और विराट कोहली
ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत दौरे पर पांच वन-डे और दो टी-20 मैच की सीरीज खेलनी है। ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा 13 मार्च को खत्म होगा। विकेटकीपर के अलावा भारतीय चयनकर्ता इन खिलाड़ियों को टीम में जगह दे सकते हैं।
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी सीरीज में टीम का हिस्सा बन पाएंगे। इसके अलावा ओपनर बल्लेबाज केएल राहुल और तेज गेंदबाज उमेश यादव का भी कमबैक हो सकता है। जबकि रोहित शर्मा समेत मोहम्मद शमी को आराम दिया जा सकता है।
टॉप ऑर्डर
रोहित की गैर मौजूदगी में दूसरे ओपनर बल्लेबाज के रूप में शिखर धवन उपलब्ध रह सकते हैं। पिछले आठ मुकाबलों में धवन ने 34.71 की औसत से 243 रन बनाए हैं। वहीं रोहित शर्मा की जगह केएल राहुल की वापसी हो सकती है। हालांकि इस खिलाड़ी के पिछले 14 महीने काफी खराब बीते हैं। नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए कप्तान विराट कोहली चयनकर्ताओं की पहली पसंद होंगे।
इसके अलावा अंबाति रायुडु को नंबर 4 और एमएस धोनी को नंबर 5 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। छठे और सातवें नंबर के लिए दिनेश कार्तिक, केदार जाधव और हार्दिक पांड्या पर सिलेक्टर्स की नजरें होंगी।
जबकि इन्हीं पोजिशन के लिए सिलेक्टर्स के सामने ऋषभ पंत और विजय शंकर जैसे युवा खिलाड़ियों के नाम भी होंगे। ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा एक बार फिर टीम के साथ जुड़ सकते हैं।
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की लंबे समय बाद टीम में वापसी हो सकती है। जबकि शमी को आराम दिया जा सकता है। वहीं, भुवनेश्वर कुमार भी बुमराह के साथ स्क्वाड में शामिल हो सकती हैं।
तीसरे पेसर के रूप में खलील अहमद और उमेश यादव में से किसी एक को मौका दिया जा सकता है। बात करें स्पिन डिपार्टमेंट की तो युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की जोड़ी पर सिलेक्टर्स एक बार फिर भरोसा दिखा सकते हैं।