विराट कोहली और ऋषभ पंत
- फोटो : ट्विटर
ऋषभ पंत को विराट कोहली ने टी-20, वन-डे से लेकर टेस्ट मैच तक हर जगह लगातार मौके दिए। ऋषभ पंत लगातार उन मौकों को गंवाते रहे। आखिरकार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच में उन्हें प्लेइंग 11 से ड्रॉप किया गया। ऋषभ पंत की जगह अनुभवी विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा कीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। विराट कोहली का ये फैसला ऋद्धिमान साहा के लिए न्याय के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि ऋद्धिमान साहा चोट की वजह से टीम से बाहर हुए थे, लेकिन फिट होकर वापसी करने के बाद भी उन्हें वेस्टइंडीज दौरे मे प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिला था।
पंत के टीम से बाहर होने के संकेत तभी मिलने लगे थे जब विराट कोहली ने केएल राहुल को टीम से बाहर किया था। एक साल के करियर में कुछ बड़ा नहीं कर पाए ऋषभ पंत निसंदेह काबिल खिलाड़ी हैं। उनके पास अभी लंबा समय है। अगर वो अपनी काबिलियत को इंटरनेशनल स्तर पर साबित कर लेते हैं तो कम से कम एक दशक का करियर उनके सामने खड़ा है, लेकिन पंत को लगातार मौके मिलते गए और वो अपनी गलतियों को सुधारने का समय ही नहीं निकाल पाए।
यही वजह है कि करीब एक साल के इंटरनेशनल करियर में वो अपने बल्ले से बेहद गिने चुने मौकों पर ही लोगों को प्रभावित कर पाए। वरना ज्यादातर मौकों पर लोगों ने उन्हें लापरवाही भरे शॉट्स खेलकर पवेलियन लौटते ही देखा।
पंत ने 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल टी-20 क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद से उन्होंने अब तक कुल 20 टी-20 मैच खेले हैं। इसमें उन्होंने सिर्फ 20.31 की औसत से 325 रन ही बनाए हैं। इसमें सिर्फ 2 अर्धशतक शामिल हैं। इसके बाद पंत को 2018 में इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया था। पांच टेस्ट मैच की सीरीज में उन्हें तीसरे टेस्ट के प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी। इस सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच में उन्होंने शतक जरूर लगाया, लेकिन तब भी उनकी बल्लेबाजी के ‘टेंपरामेंट’ पर सवाल उठे थे।
पंत ने अब तक कुल 11 टेस्ट मैच में 754 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं। उनका औसत 44.35 का है। 2018 में ही पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में भी मौका दिया गया था। इसके बाद 12 वनडे मैच में 22.90 की खराब औसत से उन्होंने अब तक सिर्फ 229 रन बनाए हैं। इसमें एक भी शतक या अर्धशतक शामिल नहीं है।
गेंदबाजी यूनिट में आर अश्विन भी प्लेइंग 11 में नजर आएंगे। ये भी बड़ी खबर है। ऐसा इसलिए क्योंकि अश्विन भी चोट की वजह से टीम से बाहर हुए थे और फिर वापसी ही नहीं कर पाए। वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया सीरीज में वो टीम का हिस्सा तो थे, लेकिन प्लेइंग 11 में उन्हें जगह नहीं मिली। आर अश्विन करीब 10 महीने बाद टीम इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेलेंगे। लिमिटेड ओवर में आर अश्विन काफी समय से टीम का हिस्सा नहीं है। अश्विन की वापसी इसलिए भी अहम है क्योंकि भारतीय पिचों पर टीम जसप्रीत बुमराह के बिना उतरने वाली है। बुमराह को चोट की वजह से टेस्ट सीरीज से बाहर होना पड़ा था। ऐसे में टीम को गेंदबाजी यूनिट में अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत थी। ये जिम्मेदारी अब स्पिन डिपार्टमेंट में आर अश्विन उठाएंगे। तेज गेंदबाजी में ये जिम्मेदारी ईशांत शर्मा के कंधों पर होगी। उनका हाथ बंटाने के लिए मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा होंगे। इस टेस्ट सीरीज में एक बड़ा बदलाव ये भी होगा कि रोहित शर्मा बतौर ओपनर दिखाई देंगे। यानी इस टेस्ट मैच के बाद भारतीय टेस्ट टीम को लेकर काफी कुछ नई बातें होंगी।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।