पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक पारी खेलकर खराब फॉर्म को अलविदा कहने वाली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने कहा कि इस पारी से उन्हें महिला टी20 विश्व कप के बाकी मैचों से पहले आत्मविश्वास मिला है। घोष ने 17 गेंद में 34 रन बनाकर भारत को 170 रन तक पहुंचाया था। भारतीय टीम ने बर्मिंघम में रविवार को हुए मैच में पाकिस्तान को 64 रन से हराया था।
ऋचा बोलीं- हरमनप्रीत और कोच ने भरोसा बनाए रखा
ऋचा घोष ने स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और मुख्य कोच अमोल मजूमदार को इस बात का श्रेय दिया है कि उन्होंने लगातार उनका साथ दिया और वापसी करने की उनकी क्षमता पर भरोसा बनाए रखा। ऋचा ने कहा, हां यह सच है। लेकिन उस समय मैंने सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दिया क्योंकि मुझे पता था कि मुझे मैदान पर ज्यादा समय नहीं मिल रहा है। इस बात की चिंता करने के बजाय, मैंने उन चीजों पर ध्यान दिया जिन्हें मैं कंट्रोल कर सकती थी। मैंने प्रैक्टिस में और मेहनत की अपनी ड्रिल्स पर ध्यान दिया और अपने खेल को बेहतर बनाती रही।
ऋचा ने नीदरलैंड के खिलाफ मैच से पहले कहा कहा, मैंने हरमनप्रीत और कुछ सीनियर खिलाड़ियों (जिनमें स्मृति और कोच भी शामिल थे) से भी बात की कि मुझे क्या करना चाहिए। उन सभी ने मुझसे कहा कि मैं चिंता न करूं, अपना स्वाभाविक खेल खेलूं और पूरी तरह से ध्यान केंद्रित रखूं। उस सलाह से मुझे सच में बहुत मदद मिली। इससे मुझे सकारात्मक रहने, प्रक्रिया पर भरोसा करने और खुद पर बहुत ज्यादा दबाव डाले बिना कड़ी मेहनत जारी रखने में मदद मिली। पाकिस्तान के खिलाफ उस पारी से मुझे काफी मदद मिली क्योंकि इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने कहा कि अभ्यास मैच में इंग्लैंड के खिलाफ अर्धशतक जड़ने से भी उनका मनोबल बढ़ा है। अभ्यास मैच से भी मेरा मनोबल बढ़ा। बाकी मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगी।
अभ्यास मैच में भी किया था प्रभावित
बंगाल की इस क्रिकेटर ने इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में अर्धशतक जमाया था। इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में 68 रन बनाने से पहले उन्होंने 0, 6, 8, 4 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, मैने अपने खेल पर फोकस रखा। नेट्स पर काफी मेहनत की। मैं फॉर्म में थी लेकिन रन नहीं बन रहे थे। मैने हैरी दी (हरमनप्रीत कौर) और स्मृति दी (मंधाना) जैसे सीनियर खिलाड़ियों और कोच से बात की। उन्होंने कहा कि मैं अपना स्वाभाविक खेल दिखाऊं और फोकस करूं। इससे काफी मदद मिली।
ऋचा ने छठे विकेट के लिए दीप्ति शर्मा के साथ 45 रन की साझेदारी की। उन्होंने कहा, मैने उनके साथ घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए भी खेला है। हमारी मैदान के भीतर और बाहर अच्छी बातचीत होती है जिससे काफी मदद मिलती है। हम एक दूसरे को बखूबी समझते हैं।