वॉर्न-मुरलीधरन टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को 5 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। साथ ही जीत के साथ माइकल हसी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 141 रन का लक्ष्य मिला था जिसे उसने 42.5 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया।
माइकल हसी अपने अंतिम टेस्ट में 42 गेंदों में दो चौकों की मदद से नाबाद 27 रन बनाकर वापस लौटे। ओपनर एड कोवन ने 36, फिल हयूज ने 34 और कप्तान माइकल क्लार्क ने 29 रन का योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया की श्रीलंका के खिलाफ 26 टेस्टों में यह 17वीं जीत है। यह तीसरा मौका है जब ऑस्ट्रेलिया ने एक सीरीज में श्रीलंका का 3-0 से सफाया किया है। सिडनी में पिछले दस टेस्टों में ऑस्ट्रेलिया की यह नौंवी जीत है।
जीत के लिए 141 रन के मामूली ललक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ओपनर डेविड वार्नर को शून्य पर गंवा दिया था। उन्हें सुरंगा लकमल ने माहेला जयर्द्धने के हाथों कैच कराया। हयूज को रंगना हेरात ने पगबाधा किया और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर दो विकेट पर 45 रन हो गया।क्लार्क और कोवन ने फिर तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोडे। लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 28 रन जोडकर तीन विकेट गंवा दिए। हयूज और मैथयू वेड आठ को हेरात ने आउट किया जबकि क्लार्क का विकेट तिलकरत्ने दिलशान के खाते में गया।
जाते-जाते भी जीत दिला गए हसी
हसी जब बल्लेबाजी करने उतरे तो ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 37 रन की जरूरत थी। हालांकि वह टीम के लिए जीत का रन नहीं जुटा पाए। यह उपलब्धि मिशेल जानसन के खाते में दर्ज हुई। हसी ने इस तरह 79 टेस्टों में 19 शतको और 29 अर्द्धशतकों के साथ 51.52 के औसत से 6,235 रन बनाकर अपने करियर का समापन किया। उनकी मौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया की यह 48वीं टेस्ट जीत है। ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह हसी को विदाई सीरीज में क्लीन स्वीप का तोहफा दिया। जीत के बाद जानसन और वार्नर ने हसी को कंधों पर बैठाया और मैदान से बाहर ले गये। उस समय पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था।
श्रीलंका की तरफ से हहेरात ने 46 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि दिलशान और लकमल को एक-एक विकेट मिला। क्लार्क के कप्तान बनने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी बार किसी टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने भारत को चार मैचों की घरेलू सीरीज में 4-0 से हराया था।