2018 में होने वाले आईपील के सीजन-11 को लेकर टीम के मालिकों ने खिलाड़ियों को रिटेन करने की योजना का विरोध किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टीम मालिकों का कहना है कि वो नहीं चाहते कि किसी भी टीम के खिलाड़ियों को रिटेन करने का विकल्प मिले। उनका ये भी कहना है कि इससे बड़े-बड़े खिलाड़ियों को खरीदने का उनका सपना अधूरा रह जाएगा।
क्रिकेटनेक्स्ट के मुताबिक फ्रेंचाइजी मालिकों ने कहा, 'हम इस विचार से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। इससे कई बड़े खिलाड़ी नीलामी के लिए उपलब्ध ही नहीं रहेंगे। नीलामी का पूरा आइडिया फुटबॉल की तर्ज पर लिया गया है। यदि आप फुटबॉल क्लब में देखें तो वहां पर कोई भी खिलाड़ी किसी भी क्लब में जाने के लिए पूरी तरह से आजाद है। वो अपने फाइनेंशियल ऑफर और अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी टीम में जा सकते हैं'।
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आगे उन्होंने कहा, 'यदि मेगा नीलामी में भी रिटेन करने की अनुमति दी जाती है तो फिर नए सिरे से नीलामी का मतलब क्या रह जाएगा। हम निश्चित रूप से इस मुद्दे को अन्य टीम मालिकों के सामने रखेंगे और वर्कशॉप के दौरान गवर्निंग काउंसिल में भी इस मुद्दे को उठाएंगे। उनका कहना है कि पुराना फैसला बरकरार रहे और सभी खिलाड़ी नीलामी के लिए उपलब्ध रहें।
गौरतलब हो कि कुछ ही दिन पहले आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल मीटिंग के बाद बीसीसीआई के अधिकारियों ने अगले साल होने वाली नीलामी में अधिकतम 3 खिलाड़ियों को रोटेट करने का सुझाव दिया था। इसी को लेकर अगले हफ्ते एक और बैठक होगी, जिसमें कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
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हालांकि इस पर आखिरी फैसला 14 नवंबर को लिया जाएगा। बहरहाल ध्यान देने वाली बात यहां पर यह है कि दो साल के निलंबन के बाद वापसी कर रहीं चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीम खिलाड़ियों को रिटेन करने की इच्छुक हैं। अब देखना यह होगा कि इस पर आखिरी फैसला क्या होता है।