फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IPL 2022: गेंद को फ्लाइट दी, छक्के खाए फिर विकेट भी मिला, जानें इस सीजन क्यों सफल रहे हैं चहल और हसरंगा

Sun, 29 May 2022 01:17 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

युजवेन्द्र चहल और वनिंदु हसरंगा इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। इन दोनों ने जितने विकेट लिए उतने ही छक्के भी खाए, लेकिन रन की परवाह नहीं की और अपनी टीम को जीत दिलाने में योगदान दिया। 
 
विज्ञापन
युजवेन्द्र चहल और वनिंदु हसरंगा - फोटो : IPL/BCCI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईपीएल 2022 में सबसे ज्यादा विकेट युजवेन्द्र चहल और वनिंदु हसरंगा के नाम हैं। दोनों ही लेग स्पिन गेंदबाजी करते हैं और अपनी गेंदों को फ्लाइट देकर बल्लेबाजों को फंसाते हैं। टी20 क्रिकेट के शुरुआती दौर में ऐसा माना जाता था कि स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट लगाना आसान होता है और छोटे फॉर्मेट में वो ज्यादा सफल नहीं होंगे, लेकिन समय के साथ यह परिभाषा बदली और अब टी20 की हर सफल टीम में एक अच्छा स्पिन गेंदबाज होना जरूरी है। खासकर लेग स्पिन गेंदबाजों ने टी20 में अपनी बादशाहत कायम की है। आईसीसी रैंकिग से लेकर विकेट चटकाने के मामले में हर जगह लेग स्पिन गेंदबाजों का जलवा कायम है। 
विज्ञापन


आईपीएल 2022 के फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों के पास बेहतरीन लेग स्पिन गेंदबाज हैं और इनमें से एक इस सीजन विकेट लेने के मामले में भी सबसे आगे है। राजस्थान की सफलता में चहल और गुजरात की सफलता में राशिद का योगदान काफी ज्यादा है। राशिद ने भले ही इस सीजन बहुत ज्यादा विकेट न लिए हों, लेकिन उन्होंने बल्लेबाजों पर दबाव बनाया है, जिसका फायदा बाकी गेंदबाजों को मिला है। 

विज्ञापन

क्यों सफल हुए हैं चहल और हसरंगा?
स्पिन गेंदबाज हमेशा अपनी गेंदों को फ्लाइट देता है और बल्लेबाज को बड़े शॉट का लालच देकर विकेट निकालता है। स्पिन गेंदबाजों को अधिकतर विकेट कैच आउट के रूप में ही मिलते हैं। चहल और हसरंगा ने इस सीजन यही काम करके दिखाया है। दोनों ने अपनी गेंदों को जमकर फ्लाइट दी और बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ छक्के लगाने की कोशिश की। कई बार बल्लेबाज सफल भी हुए। इसी वजह से ये दोनों गेंदबाज इस सीजन छक्के खाने के मामले में भी अव्वल हैं। हसरंगा ने 30 और चहल ने 27 छक्के खाए हैं, लेकिन इसी चक्कर में बल्लेबाजों ने दोनों गेंदबाजों को विकेट भी दिए हैं। इसी वजह से ये दोनों विकेट लेने के मामले में सबसे आगे हैं। 

इस सीजन चहल का इकोनॉमी रेट लगभग आठ के करीब है, जबकि हसरंगा ने साढ़े सात के इकोनॉमी रेट से रन खर्चे हैं। ये दोनों ही गेंदबाज एक मैच में पांच विकेट ले चुके हैं और अपने दम पर मैच पलटा है। वहीं, कंजूसी से गेंदबाजी करने वाले स्पिन गेंदबाज उतने प्रभावी नहीं रहे हैं। 

IPL 2022: Sunil Narine Reveals Name Of Batter Who Played Him Best | Cricket  News

कंजूस गेंदबाज नहीं छोड़ पाए प्रभाव
इस सीजन कंजूसी से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज ज्यादा प्रभावी नहीं साबित हुए हैं। सुनील नरेन इस सीजन सबसे कंजूस गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने सिर्फ 5.57 के इकोनॉमी रेट से रन खर्चे हैं, लेकिन 14 मैचों में 56 ओवर की गेंदबाजी करने के बाद नौ विकेट ही ले पाए हैं। इसी वजह से विपक्षी बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में कोलकाता के बाकी गेंदबाजों की जमकर पिटाई की है और यह टीम प्लेऑफ में भी नहीं पहुंच पाई। 

मोईन अली इस सीजन दूसरे स्पिन गेंदबाज रहे, जिन्होंने 10 मैच खेले और 6.62 की इकोनॉमी से रन दिए। उनके नाम आठ विकेट रहे। अली भी अपनी गेंदबाजी से टीम की मदद नहीं कर पाए। चेन्नई कई बार बड़ा स्कोर बनाकर मैच हार गई। प्लऑफ में पहुंचना तो दूर यह टीम अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही। कोलकाता की तरह चेन्नई के गेंदबाजों की भी आखिरी ओवरों में जमकर पिटाई हुई। 

Moeen Ali's leadership skill is significant for CSK squad, says Deep  Dasgupta
विज्ञापन

फ्लाइट देना क्यों जरूरी?
सीमित ओवर के मुकाबलों में स्पिन गेंदबाज अक्सर बीच के ओवरों में ही गेंदबाजी करते हैं। इस समय बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने की कोशिश में रहते हैं। उनका ध्यान तेजी से रन बनाने की बजाय बड़ी साझेदारी करने पर होता है ताकि टीम एक अच्छे स्कोर तक पहुंचे और अंत में तेजी से रन बटोरकर एक बड़ा स्कोर खड़ा करें। इस समय स्पिन गेंदबाजों लालच देकर बल्लेबाज को बड़ा शॉट खेलने में मजबूर करते हैं और उनसे गलती करवाते हैं। विकेट मिलने पर साझेदारी टूट जाती है और नई साझेदारी बनने में कई गेंदे जाया होती हैं, जिनमें रन नहीं बनते। 

जब स्पिन गेंदबाज बीच के ओवरों में विकेट नहीं ले पाते तो अंत के ओवरों में दो सेट बल्लेबाज सभी गेंदबाजों की जमकर पिटाई करते हैं और बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ा स्कोर बना लेती है। वहीं, बीच में स्पिन गेंदबाज ज्यादा रन देकर भी विकेट निकाल लेते हैं तो अंत के ओवरों में रन नहीं बनते और विपक्षी टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाती है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें