रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने कर्नाटक उच्च न्यायालय से चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामले में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने का अनुरोध किया है। बंगलूरू में चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस मामले में आरसीबी के मार्केटिंग हेड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, आरसीबी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। वहीं, आरसीबी के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले के वकील ने हाईकोर्ट से कहा, 'पुलिस ने गिरफ्तारी इसलिए की क्योंकि कर्नाटक के सीएम ने आदेश दिया था।'
DNA एंटरटेनमेंट ने भी अलग याचिका दायर की
आरसीबी के इवेंट आयोजक डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड ने भी अपने खिलाफ एफआईआर को चुनौती देते हुए एक अलग याचिका दायर की है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की मालिकाना कंपनी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स लिमिटेड (RCSL) ने तर्क दिया है कि उसे मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। कर्नाटक हाईकोर्ट आरसीबी और डीएनए के खिलाफ आपराधिक मामलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 10 जून को सुनवाई करेगा।
RCSL ने कहा- गलत तरीके से फंसाया गया है
याचिका के मुताबिक, RCSL ने दावा किया कि उसने सोशल मीडिया पर स्पष्ट रूप से बताया था कि केवल सीमित पास ही उपलब्ध हैं। इसने यह भी कहा कि मुफ्त पास से प्रवेश के लिए भी पूर्व पंजीकरण अनिवार्य है। आरोप है कि स्टेडियम के गेट, जो दोपहर पौने दो बजे खुलने चाहिए थे, वो दोपहर तीन बजे जाकर खोले गए, जिससे भीड़ बढ़ गई। इवेंट मैनेजमेंट फर्म के मुताबिक, यह घटना पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन में विफलता के कारण हुई।
सोमवार को होगी मामला की सुनवाई
हाईकोर्ट सोमवार दोपहर को मामले पर सुनवाई करेगा। इससे पहले कर्नाटक हाई कोर्ट ने वहां के सरकार से 10 जून तक कुछ बड़े सवालों के जवाब देने के लिए कहा है। आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए किसने अनुमति दी? यह निर्णय कब और कैसे लिया गया? क्या आयोजकों ने आवश्यक अनुमति ली थी? ये सवाल कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछे हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछे कुछ गंभीर सवाल
कार्यवाहक चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस सीएम जोशी की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को इस त्रासदी के मद्देनजर स्वत: संज्ञान रिट याचिका पर ये सवाल उठाए हैं। मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने इस पैमाने के खेल आयोजनों और सार्वजनिक समारोहों के लिए 50,000 से अधिक लोगों की भीड़ को प्रबंधित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए हैं।
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के अधिकारियों का इस्तीफा
वहीं, इससे पहले बंगलूरू भगदड़ के बाद विवादों में घिरे कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ की ओर से बड़ी जानकारी आई थी। जानकारी के मुताबिक, ए. शंकर और ईएस जयराम ने केएससीए के सचिव और कोषाध्यक्ष के रूप में अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरसीबी के आईपीएल ट्रॉफी समारोह के दौरान मची भगदड़ की नैतिक जिम्मेदारी ली।
कोहली भी मामले में फंसते नजर आए
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भी बंगलूरू भगदड़ मामले में फंसते दिखाई पड़े। सामाजिक कार्यकर्ता एच.एम वेंकटेश ने कोहली को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरसीबी ने मंगलवार को पंजाब किंग्स को हराकर आईपीएल 2025 का खिताब जीता था। यह इस फ्रेंचाइजी का पहला आईपीएल खिताब था जिसके बाद बंगलूरू में जश्न मनाने का फैसला किया गया था।
कर्नाटक सरकार ने बढ़ाई मुआवजे की राशि
बंगलूरू भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने मुआवजे की राशि को बढ़ाने का एलान किया था। कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपया मुआवजे के रूप में देने की घोषणा की। पहले यह रकम 10 लाख थी। वहीं आरसीबी भी इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपए के मुआवजे का एलान कर चुकी है।