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Ashwin Retirement: '100वें टेस्ट के बाद...', अश्विन ने क्यों लिया था अचानक संन्यास का फैसला? उठा राज से पर्दा

Wed, 30 Apr 2025 05:42 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अश्विन ने टेस्ट में भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज के तौर पर अपना करियर समाप्त किया। 106 टेस्ट मैचों में अश्विन ने 537 विकेट झटके और वह बस पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले से पीछे थे जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में 619 विकेट लिए हैं।
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रविचंद्रन अश्विन - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था। अब उन्होंने खुलासा किया है कि वह अपने 100वें टेस्ट मैच के बाद ही संन्यास का एलान करने वाले थे। हालांकि, उन्होंने ऐसा नहीं किया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिर्फ एक मैच खेलकर संन्यास की घोषणा की थी।
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100वें टेस्ट के बाद ही संन्यास लेना चाहते थे अश्विन
चेन्नई सुपर किंग्स के नए पॉडकास्ट में स्टार स्पिनर अश्विन ने माइक हसी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास पर बात की। अश्विन ने कहा- ईमानदारी से कहूं तो मैं अपने सौवें टेस्ट (मार्च 2024 में धर्मशाला में) के बाद संन्यास लेना चाहता था। फिर मैने सोचा कि घरेलू सत्र में एक मौका और लेते हैं क्योंकि मैं अच्छा खेल रहा था, विकेट ले रहा था, रन बना रहा था। मैंने सोचा कि चेन्नई टेस्ट (बांग्लादेश के खिलाफ) के बाद संन्यास लूंगा लेकिन फिर मैने छह विकेट लिए और शतक बनाया। अच्छा प्रदर्शन करते हुए छोड़ना बहुत मुश्किल होता है। मैं फिर खेलता गया और फिर हम न्यूजीलैंड से हार गए । फिर मैने सोचा कि चलो आस्ट्रेलिया दौरे पर देखते हैं कि प्रदर्शन कैसा रहता है। पिछली बार आस्ट्रेलिया दौरे पर मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था एक मैच
38 वर्षीय इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिर्फ एक मैच खेला था। अश्विन को पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच के लिए प्लेइंग-11 में मौका नहीं दिया गया था, जबकि वह एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट के लिए टीम में शामिल थे जो उनके करियर का अंतिम मैच रहा। तीसरे टेस्ट में अश्विन की जगह रवींद्र जडेजा को मौका दिया गया था।

कब लगा संन्यास का यह समय सही?
इस दौरान अश्विन ने बताया कि तीसरे टेस्ट में जगह नहीं मिलने के बाद उन्हें लगा कि यह संन्यास लेने का सही समय है। उन्होंने आगे कहा- मैं खेल का मजा ले रहा था लेकिन इसके लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर काफी मेहनत कर रहा था। सबसे अहम बात थी कि मैं परिवार के साथ समय बिताना चाहता था। फिर जब पर्थ टेस्ट में जगह नहीं मिली तो मैंने सोचा कि यह पूरा सर्कल फिर नहीं दोहराना है। लोगों की नजर में आपके जज्बात की बहुत कम कीमत होती है। वे नहीं समझते कि आप किन भावनाओं से गुजर रहे हैं। मैं संन्यास के बारे में सोच ही रहा था और फिर मुझे लगा कि यह सही समय है।
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भारत के दूसरे सफल स्पिनर के तौर पर समाप्त किया करियर
अश्विन ने टेस्ट में भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज के तौर पर अपना करियर समाप्त किया। 106 टेस्ट मैचों में अश्विन ने 537 विकेट झटके और वह बस पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले से पीछे थे जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में 619 विकेट लिए हैं।
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