भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी में ध्यान देने के लिए अन्य फॉर्मेट में भी कप्तानी छोड़ सकते हैं। उन्होंने हाल ही में टी-20 की कप्तानी छोड़ी है। भारतीय टीम की कप्तानी का दबाव बहुत ज्यादा होता है खासकर कोरोना के समय में दबाव बढ़ा है। ऐसे में विराट की बल्लेबाजी भी कप्तानी की वजह से प्रभावित हुई है। इसी वजह से उन्होंने टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी है।
भारत के टी-20 वर्ल्डकप से बाहर होने के साथ ही रवि शास्त्री का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसी के साथ विराट कोहली ने टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी भी छोड़ दी है। हालांकि उन्होंने इसका एलान बहुत पहले ही कर दिया था। बायो बबल की थकान से निपटने के लिए विराट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज और पहले टेस्ट से आराम लिया है। वहीं इंडिया टुडे से बातचीत में रवि शास्त्री ने कहा कि विराट दूसरे फॉर्मेट में भी कप्तानी छोड़ सकते हैं। वो अपना वर्कलोड कम करने के लिए यह कदम उठा सकते हैं।
टेस्ट या वनडे की कप्तानी छोड़ सकते हैं विराट
शास्त्री ने कहा कि विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने पिछले पांच सालों में कमाल का प्रदर्शन किया है। हालांकि विराट अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देने के लिए और मानसिक तौर पर खुद को आराम देने के लिए टेस्ट की कप्तानी छोड़ सकते हैं। यह तुरंत नहीं होने वाला पर ऐसा हो सकता है। वनडे की कप्तानी को लेकर भी ऐसा ही हो सकता है। यह उनके ऊपर नहीं है, बल्कि उनके दिमाग और उनके शरीर के ऊपर है कि वो कब तक दोनों फॉर्मेट की कप्तानी करेंगे।
शास्त्री ने कहा "कई खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देने के लिए कप्तानी छोड़ी है। हालांकि विराट अभी भी भारतीय टीम के सबसे फिट खिलाड़ी हैं। उनके अंदर टीम में सबसे फिट रहने की भूख है। जब आप इतने फिट रहते हैं तो आपके करियर लंबा होता चला जाता है। जहां तक मेरी समझ है विराट वनडे की कप्तानी छोड़ सकते हैं, लेकिन उन्हें टेस्ट की कप्तानी नहीं छोड़नी चाहिए। क्योंकि वो टेस्ट के सबसे बेहतरीन कप्तान रहे हैं।"
कोरोनाकाल में हर फॉर्मेट में अलग कप्तान जरूरी
रवि शास्त्री ने कोरोनाकाल में हर फॉर्मेट में अलग कप्तान की जरूरत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन हालातों में ऐसा करने पर एक खिलाड़ी के ऊपर से दबाव कम होगा। कई खिलाड़ियों को आराम का मौका मिलेगा। मुझे लगता है कि कई खिलाड़ियों को आराम की जरूरत है। आपको समय-समय पर खेल से दूरी बनाने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि आईपीएल के ठीक बाद वर्ल्डकप खेलना सही फैसला नहीं था। हालांकि इसके लिए बीसीसीआई को दोष नहीं दिया जा सकता क्योंकि कोरोना की वजह से आईपीएल का शेड्यूल बदलना पड़ा था।