रवि शास्त्री और विराट कोहली
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टेस्ट सीरीज के दौरान जब केपटाउन टेस्ट और सेंचुरियन टेस्ट में राहणे की जगह पर रोहित को टीम में शामिल किया गया तो कई दिग्गज खिलाड़ियों ने टीम चयन पर सवाल उठाए थे। सबका यही मानना था कि रहाणे का रिकॉर्ड विदेश पिचों में रोहित के मुकाबले मजबूत रहा है।
दोनों टेस्ट के बाद रोहित का जो प्रदर्शन रहा उससे क्रिकेट पंडित सही साबित हुए। रोहित इन दोनों टेस्ट में अपने बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए। उन्होंने पहले टेस्ट में 21-21 और दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 10 और दूसरी पारी में 47 रन की पारी खेली। रोहित अफ्रीकी तेज गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते हुए नजर आए।
सीरीज जीत का सपना टूटने के बाद आखिरकार टीम मैनेजमेंट ने रोहित की जगह रहाणे को टीम में शामिल किया। इसका नतीजा यह रहा कि रहाणे से न सिर्फ रन बनाए बल्कि
भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 63 रन की अहम साझेदारी भी की। हालांकि वह पहली पारी में 9 रन बानकर आउट हुए लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने सबसे अधिक 48 रन बनाए।