रवि शास्त्री एक बार फिर टीम इंडिया के मुख्य कोच बन गए हैं। शुक्रवार को मुंबई में 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव की अगुआई वाली तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने शास्त्री समेत छह उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया, जिसमें शास्त्री के नाम पर मुहर लगाई गई। इसके साथ ही वह अपने पद पर अगले दो साल तक बने रहेंगे। वह तीसरी बार टीम इंडिया के कोच चुने गए हैं।
टीम इंडिया के हेड कोच बनने की होड़ में शास्त्री समेत छह लोग शामिल थे। शास्त्री के अलावा श्रीलंका के पूर्व कोच टॉम मूडी, माइक हेसन, फिल सिमंस, लालचंद राजपूत और रॉबिन सिंह कोच पद के शॉर्टलिस्ट हुए थे। मालूम हो कि वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार के आठ दिन बाद ही बीसीसीआई में उथल-पुथल मच गई थी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हेड कोच समेत पूरा कोचिंग स्टाफ बदलने के लिए आवेदन जारी कर दिया था।
इसके बाद टीम इंडिया के कोच पद के लिए हजार से ज्यादा आवेदन आए, लेकिन उनमें से इंटरव्यू के लिए सिर्फ छह उम्मीदवारों को चुना गया, लेकिन अंतिम मुहर शास्त्री पर लगी। ऐसे में अगर 29 साल के इतिहास (1990 से) की अगर बात करें तो भारत ने अब तक 16 कोच देखे हैं, जिनमें 4 कोच विदेशी रहे। ऐसे में उन कोचों पर डालते हैं एक नजर...