अश्विन का परिवार और उनके करीबी जानलेवा कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं इसलिए ऐसे मुश्किल वकत में रवि अपने करीबियों के साथ रहना चाहते हैं। अगर सब कुछ सही हुआ तभी वह दोबारा इस 14वें सीजन में लौटेंगे। वरना अगली बार ही फैंस उन्हें दिल्ली की जर्सी में देख पाएंगे। अश्विन फिलहाल अपने शहर चेन्नई में ही मौजूद हैं, जहां उनकी टीम दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल अपने मुकाबले खेल रही है। रात 1.15 बजे किया गया ट्वीट यह बताने के लिए काफी है कि सबकुछ ठीक तो नहीं है। अश्विन ने इस सीजन अभी तक दिल्ली के लिए सभी 5 मैच खेले हैं। चार जीत और एक हार के साथ उनकी टीम अंकतालिका में चेन्नई सुपरकिंग्स के बाद दूसरे स्थान पर है। सीएसके के भी इतने ही अंक हैं, लेकिन नेट रनरेट बेहतर।
34 वर्षीय अश्विन अकेले नहीं जिन्होंने मौजूदा सीजन को अलविदा कहा हो, उनसे पहले भी कई खिलाड़ी अलग-अलग कारणों से टूर्नामेंट को छोड़ चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के इंग्लिश बल्लेबाज लियाम लिविंगस्टन बीते हफ्ते ही बायो-बबल की थकान के कारण टूर्नामेंट से हट गए थे। राजस्थान के ही ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एंड्र्यू टाई ने भी निजी कारणों से टूर्नामेंट से बाहर होने का फैसला किया। बीेते सीजन देश में कोरोना महामारी के चलते टूर्नामेंट का आयोजन यूएई में हुआ था। तब चेन्नई सुपरकिंग्स के सुरेश रैना, हरभजन सिंह भी इस तरह के चौंकाने वाले फैसले ले चुके हैं। हालांकि दोनों सीजन शुरू होने से पहले ही हटे थे।
राज्य में शनिवार को कोरोना के 14 हजार 842 नए मामले दर्ज किए गए। पिछले 24 घंटे में 9 हजार 142 लोग स्वस्थ हुए है जबकि 80 मौतें भी हुई हैं। साथ ही 1 लाख 668 एक्टिव मामले हैं। तमिलनाडु सरकार ने लॉकडाउन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। नई पाबंदियां आज यानी सोमवार (26 अप्रैल) से प्रभाव में आएगी। नई गाइडलाइन के हिसाब से सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। पूजा स्थलों पर आमजन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ब्यूटी पार्लर, सैलून, स्पा, नाई की दुकानें भी बंद रहेंगी। वहीं होटल, रेस्तरां और चाय की दुकानों में केवल पार्सल/टेकअवे की अनुमति रहेगी। दिशानिर्देशों के मुताबिक अधिकतम 50 लोगों के साथ शादी समारोह आयोजित किए जा सकते हैं। वहीं अंतिम संस्कार में 25 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है। बता दें राज्य सरकार ने पहले कई प्रतिबंधों की घोषणा की थी, जिसमें एक रात्रि कर्फ्यू, हिल स्टेशनों पर पर्यटकों पर प्रतिबंध और प्रति रविवार को पूर्ण लॉकडाउन जैसे फैसले शामिल थे।