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राशिद खान का बड़ा बयान, बोले- कप्तान और बोर्ड के लिए नहीं, देश के लिए खेलता हूं

Fri, 21 Jun 2019 04:22 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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राशिद खान - फोटो : सोशल मीडिया
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आईसीसी विश्व कप में अफगानिस्तान की टीम को अब खेले अपने सभी पांच मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड के खिलाफ तो टीम को 150 रन की बड़ी हार मिली थी। इस मुकाबले में टीम के स्टार गेंदबाज राशिद खान नौ ओवर में 110 रन दिए थे।

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अफगानिस्तान को शनिवार को भारत के खिलाफ मुकाबले में उतरना है। मैच से पहले राशिद खान के दिए बयान से साफ पता चलता है कि टीम के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं न तो गुलबदीन के लिए खेलता हूं और ना ही क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के लिए, मैं अफगानिस्तान के लिए खेलता हूं।'

राशिद ने यह बयान तब दिया जब उनसे पूछा गया कि क्या कप्तान गुलबदीन नायब के साथ उनके रिश्ते अच्छे नहीं हैं क्योंकि उन्होंने कप्तानी में बदलाव पर नाराजगी जताई थी। राशिद और अफगानिस्तान के एक अन्य सुपरस्टार मोहम्मद नबी ने विश्व कप के लिए असगर अफगान की जगह गुलबदीन को कप्तान बनाये जाने पर आपत्ति जताई थी जो कि देश के क्रिकेट बोर्ड को अच्छा नहीं लगा था।

अफगानिस्तान को लगातार पांच मैचों में हार का सामना करना पड़ा जिससे साजिश जैसी बातें भी सामने आने लगी हैं। इनमें राशिद और गुलबदीन के साथ कड़वे रिश्ते भी शामिल हैं। इससे इस स्पिनर के प्रदर्शन पर भी असर पड़ा है और उन्होंने विश्व कप में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया।

राशिद ने भारत के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर पीटीआई से कहा, 'गुलबदीन के साथ मेरे रिश्ते खराब नहीं हैं। मैं उसे भी उतना ही सहयोग देता हूं जैसे असगर के कप्तान रहते हुए उसे देता था। अगर मैं असगर को मैदान पर 50 प्रतिशत सहयोग देता था तो गुलबदीन के साथ मेरा 100 प्रतिशत सहयोग है।'
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उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड पहुंचने के बाद किसी ने भी इस मसले पर बात नहीं की। मुझे लगता है कि मीडिया में इसे बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया। हमारे कुछ खिलाड़ी पिछले 15-16 साल से साथ में खेल रहे हैं। इसलिए अगर एक दशक से भी अधिक समय कुछ नहीं बदला तो फिर एक या दो दिन में क्या बदल सकता है।'

लेकिन जब राशिद से कप्तानी में बदलाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं न तो गुलबदीन के लिए खेलता हूं और ना ही क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के लिए, मैं अपने ध्वज, अफगानिस्तान के लिए खेलता हूं। मैं अपनी भूमिका जानता हूं और मैं अपना काम आगे भी करता रहूंगा। मेरा और नबी का ट्वीट असगर के समर्थन में नहीं था। हमने अफगानिस्तान क्रिकेट की बेहतरी के लिए आवाज उठाई थी।'
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