विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में केरल को पहली पारी की बढ़त के आधार पर हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। अक्षय वाडकर की अगुआई वाली टीम ने तीसरी बार रणजी का खिताब जीता है। उनकी इस जीत से खुश विदर्भ क्रिकेट संघ (वीसीए) ने विजेता टीम के लिए तीन करोड़ रुपये की इनामी राशि का एलान किया है। वहीं, फाइनल मैच के बाद अनुभवी गेंदबाज अक्षय वाखरे ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
कोच ने की खिलाड़ियों की सराहना
विदर्भ के मुख्य कोच उस्मान गनी ने रविवार को टीम में युवा खिलाड़ियों के हरफनमौला प्रदर्शन की सराहना की। नागपुर में खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में 37 रनों की बढ़त के आधार पर विदर्भ चैंपियन बना। खिताबी जीत के बाद विदर्भ के मुख्य कोच उस्मान गनी ने युवा खिलाड़ियों के हरफनमौला प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, इस सत्र अधिक युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने और उन पर भरोसा करने का फायदा हुआ। अगर आप इस बार विदर्भ की टीम को देखें तो इसमें युवा और अनुभव अच्छा मिश्रण है। हमारी नीति टीम में युवाओं को शामिल करने की थी। ट्रॉफी जीतना हमारा मकसद था लेकिन इसके साथ ही हम चाहते हैं कि हमारे युवा देश के लिए खेलें।
अक्षय वाखरे ने फाइनल के बाद लिया संन्यास
गनी ने पूरे सत्र में शानदार प्रदर्शन के लिए युवा हर्ष दुबे (69 विकेट), यश राठौड़ (960 रन) और दानिश मालेवार (783 रन) की प्रशंसा की। वाखरे ने 105 मैच खेलने के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। इस दाएं हाथ के स्पिनर ने अपने प्रथम श्रेणी करियर में 344 विकेट लिए। संन्यास का एलान करते हुए वाखरे ने कहा- मैं चैंपियन टीम का हिस्सा बनकर और चैंपियन के रूप में संन्यास लेकर बहुत खुश हूं। यह पहले से ही तय था।
वाखरे ने विदर्भ के लिए आखिरी मुकाबला तमिलनाडु के खिलाफ खेला था। यह क्वार्टर फाइनल मैच था। 39 वर्षीय गेंदबाज ने कहा- मैं 100 मैचों के बाद संन्यास लेने के बारे में सोच रहा था। लेकिन यह टीम की जरूरत थी और खेलना महत्वपूर्ण था।
कोच ने भी की वाखरे की प्रशंसा
कोच गनी ने भी वाखरे की तारीफ करते हुए कहा- वह विदर्भ के लिए महान खिलाड़ी है। हम अपनी राज्य टीम के लिए उनकी सेवा के लिए उन्हें सलाम करते हैं। हमें उन पर बहुत गर्व है। हम निकट भविष्य में उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं।