शिखर धवन ने बुधवार को कोटला में एक साथ कई भूमिकाओं को अंजाम दिया। नाबाद शतक ठोकने के साथ वह दिल्ली के लिए संकटमोचक की भूमिका में तो थे ही साथ ही उन्होंने कप्तान, मेंटर और वरिष्ठ सदस्य होने के नाते टीम में ऊर्जा भरने वाले बड़े भाई के रोल को बखूबी अदा किया। धवन ने भी स्वीकारा कि जूनियर साथी क्रिकेटरों के साथ वह पूरी तरह घुलने-मिलने की कोशिश करते हैं। उन्होंने टीम की पूरी बल्लेबाजी यूनिट से न सिर्फ बात की बल्कि इशांत शर्मा को गेंदबाजों से बात करने को कहा। उन्होंने अपना अनुभव साथियों के साथ शेयर किया और उनमें ऊर्जा भरी।