अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मंगलवार को कहा कि वह फिट हैं और भारतीय टीम में वापसी के लिए तैयार हैं। बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी में खेल रहे तेज गेंदबाज ने गुजरात के खिलाफ आठ विकेट लेकर अपनी टीम को 141 रनों से बड़ी जीत दिलाई। शमी ने कहा, मेरा काम है प्रदर्शन करना बाकी चयन समिति के हाथों में फैसला है।
'मैं तैयार हूं'
दूसरी पारी में पांच विकेट हॉल लेने के बाद शमी ने कहा कि बहुत मेहनत करनी पड़ती है लेकिन मेरा मानना है कि भाग्य भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, 'हर कोई भारत के लिए खेलना चाहता है। मैं भी यही चाहता हूं और इसके लिए तैयार हूं।' शमी लंबे समय से टीम से बाहर हैं और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया था। इसे लेकर नाराजगी जताई थी और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बयान पर पलटवार भी किया था।
'चयनकर्ताओं के हाथ में है फैसला'
शमी करीब आठ महीने से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। वह चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के लिए नहीं चुने जाने पर कहा था कि वह पूरी तरह फिट हैं और बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने की उपलब्धता ही इसका सबूत है। गुजरात के खिलाफ बंगाल की जीत के बाद 35 वर्षीय गेंदबाज ने कहा, 'मेरी प्रेरणा फिट रहना और भारतीय टीम के लिए हर समय उपलब्ध रहना है। मैं मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करता रहूंगा और बाकी सब चयनकर्ताओं के हाथ में है।'
'विवाद में नहीं पड़ना चाहता'
बंगाल ने 2003 के बाद पहली बार रणजी ट्रॉफी में गुजरात को हराया। इसमें शमी की अहम भूमिका रही। मैच के बाद जब उनसे भारतीय टीम में वापसी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह विवादों से दूर रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा किसी न किसी विवाद में उलझा रहता हूं, आप लोगों की बदौलत (हंसते हुए)। यह एक गलतफहमी है।'
बंगाल के मुख्य कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने शमी की भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद जताई। शुक्ला ने कहा, 'मोहम्मद शमी को किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। वह खुद एक सर्टिफिकेट हैं। उन्हें अपने प्रशंसकों, मीडिया और सबसे बड़े चयनकर्ता, जो भगवान के समान हैं, उनका समर्थन प्राप्त है।'