बंगाल के अनुभवी बल्लेबाजों मनोज तिवारी (35) और सुदीप चटर्जी (47*) के बीच टूटती पिच पर तीसरे विकेट के लिए हुई 89 रन की संघर्षपूर्ण साझेदारी के बावजूद सौराष्ट्र ने रणजी ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन अपना पलड़ा भारी रखा है। बंगाल ने खेल खत्म होने तक 65 ओवर में तीन विकेट पर 134 रन बनाए हैं।
वह सौराष्ट्र से अभी 291 रन पीछे है। चटर्जी के साथ ऋद्धिमान साहा चार रन बनाकर क्रीज पर हैं। बंगाल ने मात्र 35 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तिवारी और चटर्जी ने स्कोर 120 के पार पहुंचाया। इस पिच पर पहले दिन से गेंद काफी नीचे रह रही है।
ऐसे में बंगाल के सामने सौराष्ट्र के पहली पारी के 425 रन के स्कोर को पार करना बड़ी चुनौती है। सौराष्ट्र ने सुबह आठ विकेट पर 384 रन से आगे खेलना शुरू किया और सुबह के सत्र में एक घंटे दस मिनट तक बल्लेबाजी की। इस दौरान उसने 41 रन जोड़े।
जयदेव उनादकट (20) और धर्मेंद्रसिंह जडेजा (33*) ने आखिरी विकेट के लिए 38 रन जोड़े। पुजारा (66) और अर्पित बासवदा (106) ने दूसरे दिन पांच घंटे बल्लेबाजी करके सौराष्ट्र को अच्छी स्थिति में पहुंचाया था। सौराष्ट्र की निगाहें जहां अपने पहले रणजी खिताब पर हैं वहीं बंगाल ने (1989-90) 30 साल बाद ट्रॉफी जीतने की कोशिश में है।