लगातार दो मैचों में मिली हार के बाद दिल्ली की टीम शनिवार से महाराष्ट्र के खिलाफ यहां फिरोजशाह कोटला मैदान में जब रणजी ट्रॉफी ग्रुप ‘बी’ मैच में उतरेगी तो उसकी नजरें जीत हासिल कर खुद को नाकआउट होड़ में बनाए रखने पर होगी। दिल्ली को अपने पिछले दो मैचों में हरियाणा और कर्नाटक से हार का सामना करना पड़ा था। उसके छह मैचों में एक जीत, तीन हार और दो ड्रा के बाद 11 अंक हैं और वह नौ टीमों के ग्रुप में पांचवें स्थान पर है। महाराष्ट्र की टीम पांच मैचों में आठ अंकों के साथ आठवें स्थान पर है।
ग्रुप ‘बी’ में ही उत्तर प्रदेश पांच मैचों में 20 अंक, बड़ौदा छह मैचों में 20 अंक, ओडिशा छह मैचों में 16 अंक और विदर्भ पांच मैचों में 12 अंक के साथ दिल्ली से ऊपर है। अन्य अहम मुकाबलों में उत्तर प्रदेश का मुकाबला हरियाणा से, जम्मू एंड कश्मीर का मुकाबला सर्विसेज से, सौराष्ट्र का मुकाबला मुंबई से, मौजूदा चैंपियन राजस्थान का मुकाबला रेलवे से और पंजाब का सामना मध्य प्रदेश से होगा।
दिल्ली को इस सत्र की शुरुआत में उत्तर प्रदेश से हार का सामना करना पड़ा था और पिछले दो मैचों में बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण उसे हरियाणा तथा कर्नाटक से भी हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली के टॉप आर्डर के बल्लेबाज अपने प्रदर्शन में निरंतरता दिखाने में नाकाम रहे हैं। ओपनर और कप्तान शिखर धवन, युवा ओपनर उन्मुक्त चंद, मिथुन मन्हास, वैभव रावल, रजत भाटिया और विकेटकीपर पुनीत बिष्ट में से एक या दो बल्लेबाज ही चल पा रहा है। दिल्ली को यदि जीत हासिल करनी है तो उसके टाप आर्डर को प्रदर्शन में निरंतरता दिखानी होगी।