रणजी ट्रॉफी 2024-25 का दूसरा सत्र गुरुवार को शुरू हो गया। बंगाल और हरियाणा के बीच ग्रुप सी का मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में बंगाल के लिए अंकित चटर्जी ने डेब्यू किया। इसी के साथ उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया।
अंकित ने तोड़ा गांगुली का रिकॉर्ड
बाएं हाथ के बल्लेबाज अंकित चटर्जी ने बंगाल के लिए 15 साल 361 की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और इस राज्य के लिए रणजी खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले ये रिकॉर्ड पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सौरव गांगुली के नाम था। उन्होंने 17 साल की उम्र में बंगाल के लिए अपना पहला मैच 1989-90 में खेला था। यह मैच रणजी ट्रॉफी का फाइनल था जिसमें बंगाल ने दिल्ली को शिकस्त दी थी।
कौन हैं अंकित चटर्जी
बनगांव हाई स्कूल के 10वीं के छात्र अंकित की इस पल तक की यात्रा बलिदान और अथक समर्पण से भरी रही है। कोलकाता मैदान पहुंचने के लिए वह पिछले तीन साल से लगभग हर रोज सुबह साढ़े तीन बजे उठ रहे हैं और 4:25 बजे की बोंगांव-सियालदह लोकल ट्रेन से दो घंटे की यात्रा के बाद आधे घंटे पैदल चलकर कोलकाता मैदान पहुंचते थे। उनकी दिनचर्या रात के नौ या 10 बजे खत्म होती है।
अभिमन्यु ईश्वरन की जगह मिला मौका
अंकित को मैच से दो दिन पहले अपने पदार्पण के बारे में पता चला जब स्थापित सलामी बल्लेबाज और भारत ए क्रिकेटर अभिमन्यु ईश्वरन हेयरलाइन फ्रैक्चर के कारण मुकाबले से बाहर हो गए। अंकित ने हालांकि घबराने की जगह इस मौके को धैर्य के साथ स्वीकार किया जो उनके बचपन के कोच डोलोन गोल्डर के अनुसार उनका 'ट्रेडमार्क' गुण रहा है।
क्या बोले अंकित
अंकित ने कल्याणी में मैच के बाद अपने 'सिग्नेचर शॉट' (कवर ड्राइव) के बारे में कहा, 'यह मेरे लिए बिल्कुल सामान्य था और कल रात मुझे अच्छी नींद भी आई। मैं आक्रामक होने के बारे में नहीं सोच रहा था लेकिन गेंद उस शॉट के लायक थी, इसलिए मैंने ऐसा किया।' दिन का खेल खत्म होते समय बंगाल का स्कोर 10 रन पर एक विकेट था और अंकित पांच रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे।