वेस्टइंडीज में इंग्लैंड को फाइनल में हराकर अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जिताने वाले कप्तान यश ढुल ने अपना लक्ष्य तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि वह अगले 19 महीने में भारत के लिए खेलकर जर्सी हासिल करना चाहते हैं। इसके लिए वह कड़ी मेहनत करने को भी तैयार हैं।
बृहस्पतिवार को गुवाहाटी में रणजी मैच खेलने के लिए रवाना होने से पहले दिल्ली में पत्रकारों से बात की।
यश ढुल ने बताया कि जब से विश्व कप जीता है, तब से कितनी फ्लाइट बदल चुके हैं, यह भी याद नहीं। यश को विश्व विजेता बनने के बाद अच्छे से सोने का मौका भी नहीं मिला है। लेकिन उन्हें इसकी कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने अभी तक जो किया वो हो चुका है। मुझे अब इस बात पर ध्यान देना है कि भविष्य में क्या करना है।
विश्व कप जीतने वाले दिल्ली के तीसरे कप्तान
विराट कोहली और उन्मुक्त चंद के बाद ढुल विश्व कप जीतने वाले दिल्ली के तीसरे कप्तान हैं। कोहली ने इस कारनामे के बाद सफलता के शिखर को छुआ तो वहीं चंद का करियर ज्यादा आगे नहीं बढ़ सका। जब ढुल से यह पूछा गया कि इस सफलता के बाद शीर्ष स्तर पर असफलता का डर है तो कहा, आपने जो नाम (कोहली और चंद) लिए हैं, मैं उस तरह से कुछ नहीं सोच रहा हूं। मैं विनम्र रहना चाहता हूं और भविष्य के बारे में ज्यादा सोचना नहीं चाहता हूं। उन्होंने कहा, विराट भाई ने मेरे साथ अपना अनुभव साझा किया कि अंडर-19 विश्व कप (2008) के बाद उनके साथ क्या हुआ था।
दिल्ली के पुराने क्रिकेट गुरुओं से की मुलाकात
यश वेस्टइंडीज से लौटने के बाद सम्मान लेने के लिए अहमदाबाद चले गए थे। वहां से लौटकर दिल्ली आए तो माता-पिता से भी आधा घंटे ही मुलाकात हो पाई। वहां से पश्चिमी दिल्ली के बाल भवन स्थित स्कूल गए, जहां पर उन क्रिकेटर गुरुओं से मुलाकात की, जिन्होंने यश को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।