सात विकेट चटकाते हुए तेज गेंदबाज उमेश यादव ने मौजूदा चैंपियन विदर्भ को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में केरल के खिलाफ मजबूत स्थिति में ला दिया। केरल की पहली पारी 106 रन पर सिमट गई। इसके बाद विदर्भ ने दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 171 रन बना लिए।
इस लिहाज से उसने शुरुआती दिन ही विपक्षी टीम पर 65 रन की बढ़त लेकर सेमीफाइनल में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। गुरुवार को शुरू हुए इस सेमीफाइनल में मेजबान केरल ने विदर्भ के खिलाफ पहले बल्लेबाजी की। विदर्भ ने केरल का पहला विकेट नौ रन के स्कोर पर झटका।
केरल की टीम इस शुरुआती झटके से अंत तक नहीं उबर सकी। उसने 17 रन पर दूसरा, 27 रन पर तीसरा और 28 रन पर चौथा विकेट गंवाया। केरल के लिए सातवें नंबर पर बैटिंग करने आए विष्णु विनोद (37), कप्तान सचिन बेबी (22) और बासिल थम्पी (10) ही दोहरे अंक में पहुंचे।
विदर्भ के लिए उमेश यादव ने 48 रन देकर सात विकेट लिए, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 74 रन देकर सात विकेट था। केरल के बाकी तीन विकेट रजनीश गुरबाणी (38 रन देकर तीन) ने लिए।
विदर्भ ने केवल तीन गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। इसके बाद विदर्भ ने भी ओपनर संजय रामास्वामी (19) का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन इसके बाद फजल और बेहतरीन फार्म में चल रहे अनुभवी बल्लेबाज वसीम जाफर (34) ने दूसरे विकेट के लिए 80 रन जोड़े।
एमडी निधीश (53 रन देकर दो विकेट) ने जाफर को पवेलियन भेजा। विदर्भ ने दिन के अंतिम क्षणों में एक रन के अंदर तीन विकेट गंवाए जिनमें फजल भी शामिल थे जिन्हें संदीप वारियर (46 रन देकर दो) ने विकेट के पीछे कैच कराया।
विदर्भ की पारी का आकर्षण फैज फजल की 75 रन की पारी रही। दिन का खेल खत्म होने के समय आदित्य सरवटे बिना खाता खोले नाबाद थे।