दरअसल पुस्तकालय के डिजिटलीकरण का काम एक कंपनी को 2012 में सौंपा गया था, लेकिन इस कंपनी ने 3 साल बाद 2015 में काम शुरू किया। इसके बाद भी कंपनी की धीमी गति के कारण आखिरकार छह महीने पर पुस्तकालय प्रशासन ने खुद ही इस काम को अपने हाथ में ले लिया था।
इसलिए है खास
इस पुस्तकालय और संग्रहालय में जवाहर लाल नेहरू से जुड़ीं लगभग दो लाख फोटो, देश की आजादी की लड़ाई और आजाद भारत के प्रमुख नेताओं के दस्तावेज भी यहां मौजूद हैं। खास बात ये है कि इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव हेडगेवार, वीर सावरकर, प्यारे लाल, हिंदू महासभा के भी दस्तावेज संजोए गए हैं। साथ ही आजादी के पहले और बाद के लगभग साढ़े 11 सौ प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े निजी दस्तावेज भी यहां संग्रहित किए गए हैं।