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90 लाख रुपये पर मारी ठोकर, BCCI में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने किया था नियुक्त

Wed, 23 Oct 2019 02:02 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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टीम इंडिया फैंस - फोटो : सोशल मीडिया
जाने-माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने बुधवार को कहा कि प्रशासकों की समिति (सीओए) में अपने कार्यकाल के लिए उन्होंने भुगतान की उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा कि सीओए की पहली बैठक में ही इसे स्पष्ट कर दिया था। गुहा ने 40 लाख रुपये का भुगतान लेने से इनकार कर दिया जबकि सीओए के एक अन्य पूर्व सदस्य बैंकर विक्रम लिमये ने भी भुगतान लेने से मना कर दिया। लिमये को 50 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान होना था।
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रामचंद्र गुहाौ - फोटो : ट्विटर
गुहा ने बताया, ‘मैंने पहली बैठक में ही कह दिया था कि मैं किसी भुगतान की उम्मीद नहीं कर रहा और ना ही भुगतान चाहता हूं।’ लिमये ने भी इसी कारण से भुगतान लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैंने सीओए की पहली बैठक में ही बता दिया था कि मैं इसके लिए कोई मुआवजा नहीं लूंगा। यह मेरी मौजूदा स्थिति नहीं है, मैंने इसे पहले ही स्पष्ट किया था... यह निजी चीज थी। इसका किसी अन्य चीज से कोई लेना देना नहीं है।’
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रामचंद्र गुहा और विक्रम लिमये - फोटो : ट्विटर
बुधवार को बीसीसीआई के संचालन से हटने वाली विनोद राय की अगुआई वाली सीओए में शुरुआत में चार सदस्य थे जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी 2017 को नियुक्त किया था। गुहा ने निजी कारणों से जुलाई 2017 में इस्तीफा दिया जबकि लिमये भी इसके बाद अपना पद छोड़कर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक और सीईओ बने।

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रामचंद्र गुहा
गुहा के इस्तीफा पत्र से बाद में काफी बवाल हुआ क्योंकि उन्होंने खिलाड़ियों और कोचों के कई पदों पर होने के कारण हितों के टकराव से निपटने में नाकाम रहने के लिए बीसीसीआई को लताड़ लगाई थी। उन्होंने राष्ट्रीय टीम के तत्कालीन कोच अनिल कुंबले के मामले से निपटने के तरीके की भी आलोचना करते हुए कहा था कि उनका कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए था।
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चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बाद कप्तान विराट कोहली के साथ सार्वजनिक मतभेदों के चलते दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने पद छोड़ दिया था। गुहा ने भारतीय टीम में ‘सुपरस्टार संस्कृति’ की भी आलोचना की थी। गुहा ने सीओए के संचालन की भी आलोचना करते हुए कहा था कि उसने शीर्ष अदालत द्वारा स्वीकृत सुधारवादी कदमों को लागू करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।
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