डकैत भूरा सिंह का राजिंदर गोयल को लिखा खत
- फोटो : सोशल मीडिया
संभवत: राजिंदर गोयल ऐसे पहले क्रिकेटर होंगे जिन्हें किसी डाकू ने चिट्ठी लिखी थी। जी हां, यह सच है। 1985 में भूरा सिंह यादव उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में खौफ का दूसरा नाम थे। ग्वालियर जेल में अपनी सजा के दौरान उन्होंने राजिंदर गोयल को चिट्ठी लिखकर रणजी ट्रॉफी में 600 विकेट लेने की बधाई दी थी।
भूरा सिंह ने लिखा था कि हम आपके बहुत बड़े प्रशंसक होने पर यह पत्र व्यवहार कर रहे हैं और आपके भविष्य की कामना करते हैं कि ईश्वर अपको दिन प्रतिदिन सफलता दिलाए। 8 अप्रैल 1985 को लिखे इस पत्र को पढ़कर गोयल की आंखों से आंसू निकल आए थे।
राजिंदर गोयल (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
कपिल देव निश्चित तौर पर हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर रहे हैं, लेकिन उनसे पहले गोयल थे, जिन्होंने इस राज्य की गेंदबाजी की कमान बखूबी संभाल रखी थी। कपिल देव की अगुवाई वाली हरियाणा ने जब 1991 में मुंबई को हराकर रणजी ट्रॉफी जीती थी तब गोयल उसकी चयनसमिति के अध्यक्ष थे।
राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलने के बावजूद राजिंदर गोयल 44 साल की उम्र तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते रहे, उनके परिवार में पत्नी और पुत्र नितिन गोयल हैं जो स्वयं प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रहे हैं और घरेलू मैचों के मैच रेफरी हैं।
1958-59 से 1984-85 तक घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए उन्होंने 26 सत्र में हरियाणा की ओर से रणजी ट्रॉफी में रिकॉर्ड 637 विकेट लिए। गोयल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुल 157 मैच खेलकर 750 विकेट लिए।