फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजिंदर गोयल: वह गुमनाम भारतीय क्रिकेटर जिसे कुख्यात डकैत ने जेल से लिखा था खत

Mon, 22 Jun 2020 10:54 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
राजिंदर गोयल और डकैत यादव का खत - फोटो : ट्विटर
विज्ञापन

रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले राजिंदर गोयल को सिर्फ अच्छे क्रिकेटर ही नहीं बल्कि भले इंसान के रूप में भी याद किया जाएगा। अपने जमाने के बेहतरीन खिलाड़ी रहे गोयल ने रविवार को 77 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। बाएं हाथ का यह स्पिनर घरेलू स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद कभी भारतीय टीम में नहीं चुना गया क्योंकि उस युग मेें बिशन सिंह बेदी जैसे स्पिनर भारत का प्रतिनिधित्व किया करते थे। गोयल में लंबे स्पैल करने की अद्भुत क्षमता थी। जिस पिच से थोड़ी भी मदद मिल रही हो उस पर उन्हें खेलना नामुमकिन होता था। वह इतने लंबे समय तक खेलते रहे इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि वह विजय मांजरेकर के खिलाफ भी खेले और उनके बेटे संजय के खिलाफ भी।

विज्ञापन

डकैत भूरा सिंह का राजिंदर गोयल को लिखा खत - फोटो : सोशल मीडिया
संभवत: राजिंदर गोयल ऐसे पहले क्रिकेटर होंगे जिन्हें किसी डाकू ने चिट्ठी लिखी थी। जी हां, यह सच है। 1985 में भूरा सिंह यादव उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में खौफ का दूसरा नाम थे। ग्वालियर जेल में अपनी सजा के दौरान उन्होंने राजिंदर गोयल को चिट्ठी लिखकर रणजी ट्रॉफी में 600 विकेट लेने की बधाई दी थी।

भूरा सिंह ने लिखा था कि हम आपके बहुत बड़े प्रशंसक होने पर यह पत्र व्यवहार कर रहे हैं और आपके भविष्य की कामना करते हैं कि ईश्वर अपको दिन प्रतिदिन सफलता दिलाए। 8 अप्रैल 1985 को लिखे इस पत्र को पढ़कर गोयल की आंखों से आंसू निकल आए थे।
विज्ञापन

राजिंदर गोयल (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
कपिल देव निश्चित तौर पर हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर रहे हैं, लेकिन उनसे पहले गोयल थे, जिन्होंने इस राज्य की गेंदबाजी की कमान बखूबी संभाल रखी थी। कपिल देव की अगुवाई वाली हरियाणा ने जब 1991 में मुंबई को हराकर रणजी ट्रॉफी जीती थी तब गोयल उसकी चयनसमिति के अध्यक्ष थे। 

राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलने के बावजूद राजिंदर गोयल 44 साल की उम्र तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते रहे, उनके परिवार में पत्नी और पुत्र नितिन गोयल हैं जो स्वयं प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रहे हैं और घरेलू मैचों के मैच रेफरी हैं।

1958-59 से 1984-85 तक घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए उन्होंने 26 सत्र में हरियाणा की ओर से रणजी ट्रॉफी में रिकॉर्ड 637 विकेट लिए। गोयल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुल 157 मैच खेलकर 750 विकेट लिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें