तीन घंटे के खेल कहे जाने वाले ट्वंटी-20 क्रिकेट को फटाफट खेल के रूप में माना जाता है। 20-20 ओवरों के इस मुकाबले में एक भी गलती या मौका चूकना टीम के लिए भारी पड़ सकता है और उसे हार के द्वार पहुंचा सकती है।
ऐसी ही एक गलती शनिवार की रात राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर (आरसीबी) के बीच खेले गए करो या मरो के एक मुकाबले में भी हुई। यह गलती हुई राजस्थान के गेंदबाजों की ओर से। दिलचस्प यह भी है कि राजस्थान को टूर्नामेंट के प्लेऑफ में पहुंचने के लिए यह मैच हर हाल में जीतना था क्योंकि यह उसका आखिरी लीग मुकाबला था।
मुंबई में खेले गए मैच में शेन वाटसन के शतक की बदौलत राजस्थान की टीम ने 199 रनों का विशाल स्कोर खड़ा भी किया। इसके बाद सारा काम गेंदबाजों को करना था लेकिन उसके गेंदबाज सफलता हासिल करने के बाद भी लय नहीं पकड़ सके और 20 ओवर के मुकाबले में उन्हें 22.2 ओवर डालने पड़े। हालांकि यह टीम किस्मतवाली रही कि उसने यह मैच 9 रन से जीत लिया। इस जीत ने उसे प्लेऑफ में भी पहुंचा दिया।
लय से खूब भटके राजस्थान के गेंदबाज, 23 रन अतिरिक्त के रूप में लुटाए
आईपीएल-8 के लीग मुकाबलों के दूसरे अंतिम दिन रात में टूर्नामेंट का 54वां मुकाबला गत चैंपियन कोलकाता नाइटराइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया। दोनों टीमों में से जो भी टीम मैच जीतती उसे प्लेऑफ में जगह मिलना तय था।
लेकिन 200 रनों का बड़ा लक्ष्य देने के बाद भी राजस्थान को मैच जीतने के लिए खूब पसीना बहाना पड़ा क्योंकि उसके गेंदबाजों को 20 ओवर के बजाए 22.2 ओवर डालने पड़े। टूर्नामेंट में संतुलित गेंदबाजी करने वाले राजस्थान के गेंदबाज इस मैच में लय से भटके नजर आए।
उसके गेंदबाजों ने मैच में 23 अतिरिक्त रन दिए जिसमें 18 वाइड और 5 नोबॉल के रूप में मिले। इस तरह से विपक्षी कोलकाता टीम को 14 अतिरिक्त गेंदें भी खेलने को मिली। हालांकि गौतम गंभीर की अगुवाई वाली टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी और लक्ष्य से 9 रन दूर रह गई।
राजस्थान की ओर से सबसे ज्यादा लय से भटके नजर आए मैच में शतकीय पारी खेलने वाले शेन वाटसन जिन्होंने 4 ओवर में 5 वाइड गेंदें डाली। इसके बाद जेम्स फॉकनर ने इतने ही ओवर में 4 वाइड दे डाली।
राजस्थान के 6 में से 5 गेंदबाजों ने डाली वाइड गेंद
इस निर्णायक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स की ओर से 6 गेंदबाजों ने ओवर फेंके जिसमें स्टुअर्ट बिन्नी ने ही एक भी अतिरिक्त गेंद नहीं डाली। हालांकि उन्हें एक ओवर ही फेंकने का मौका मिला जिसमें 10 रन दिए लेकिन एक भी अतिरिक्त गेंद नहीं डाली। जबकि अन्य 5 गेंदबाजों ने कम से कम एक गेंद वाइड जरूर दिए।
ऐसा नहीं है कि राजस्थान के ही गेंदबाज लय से भटके नजर आए कोलकाता की ओर से भी खराब गेंदबाजी हुई लेकिन उतनी नहीं जितनी रॉयल्स के गेंदबाजों ने की। कोलकाता की ओर से 3 वाइड और 2 नोबॉल डाली गईं।
आईपीएल के इस सत्र में सबसे खराब गेंदबाजी की बात की जाए तो यह मैच सबसे ज्यादा अतिरिक्त रन देने वाला मैच बन गया। राजस्थान ने इस मैच में कुल 26 रन अतिरिक्त के रूप में दिए जिसमें 3 रन लेग बाई के रूप में भी है, इसके अलावा 18 वाइड और 5 नोबॉल के रूप में।
साथ ही एक मैच में सबसे ज्यादा अतिरिक्त रन देने का रिकॉर्ड भी इसी मैच में बना। राजस्थान ने 26 रन अतिरिक्त के स्प में दिए तो कोलकाता ने 10 रन (4 लेग बाई, 4 वाइड और 2 नोबॉल) दिए। इस तरह से मैच में कुल 36 रन अतिरिक्त के रूप में खर्च किए गए।
जहां तक आईपीएल इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा रन अतिरिक्त के रूप में लुटाए जाने का रिकॉर्ड है तो यह 20 अप्रैल, 2008 को बन गया जिसमें कोलकाता नाइटराइडर्स के गेंदबाजों ने डक्कन चार्जर्स के खिलाफ 19 ओवर में 28 रन अतिरिक्त के रूप में दिए। इन 28 अतिरिक्त रन में 4 बाई, 8 लेग बाई, 15 वाइड और एक रन नोबॉल के रूप में शामिल है।