भारी बरसात के चलते मुंबई और सर्विसेज के बीच रणजी ट्राफी सेमीफाइनल के तीसरे दिन का खेल न सिर्फ रद्द करना पड़ा बल्कि तेज हवाओं ने साइड स्क्रीन को उखाड़ दिया। यही नहीं पालम ग्राउंड पर शुक्रवार की सुबह जब ग्राउंड स्टाफ मैदान पर पहुंचा तो उन्हें पिच पर बिछे हुए कवर भी अपने स्थान से खिसके मिले। अब सेमीफाइनल का भविष्य पूरी तरह मौसम पर निर्भर है।
सुबह सर्विसेज व मुंबई की टीम सचिन तेंदुलकर समेत समय से ग्राउंड पर पहुंच गईं। उस दौरान भी बरसात हो रही थी। दोनों अंपायरों ने मैदान का निरीक्षण करने के बाद दोपहर 12 बजे खेल को रद्द कर दिया। इससे पहले मुंबई की टीम होटल वापस लौट गई। चौथे दिन काखेल अब ग्राउंड स्टाफ की मेहनत और मौसम पर निर्भर है। मैदान पर बल्लियों के सहारे सफेद चादर से खड़ी की गई दो साइड स्क्रीनों में से एक को बरसात ने उखाड़ दिया है। लेकिन चिंता की बात पिच को लेकर है। कवर हटने से पिच को हुए थोड़े बहुत नुकसान को ठीक किया जा रहा है।
चौथे दिन मौसम ठीक नहीं हुआ तो मैच के परिणाम को लेकर भी संशय है। निर्णय के लिए दोनों टीमों की कम से कम एक-एक पारी का पूरा होना जरूरी है। अगर दोनों टीमों की पहली पारी पांच दिनों में भी पूरी नहीं हो पाती है तो खेल को छठे दिन ले जाया जा सकता है। छठे दिन भी यह काम नहीं हो पाया तो फिर मैच का निर्णय टॉस उछालकर निकाला जाएगा। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक मुंबई का स्कोर छह विकेट पर 380 रन था। कप्तान अजीत अगरकर 113 व विकेट कीपर बल्लेबाज आदित्य तारे 108 रनों पर नाबाद खेल रहे हैं।
पंजाब की राह हुई मुश्किल
सौराष्ट्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में पंजाब की राह मुश्किल हो गई है। सौराष्ट्र के पहली पारी के 477 रन के जवाब में मैच के तीसरे दिन स्टंप्स तक पंजाब के नौ विकेट 294 रन पर गिर चुके थे। उस समय कप्तान हरभजन सिंह 29 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि सरबजीत लाडा को खाता खोलना था। इस तरह पंजाब की टीम अभी भी पहली पारी में 183 रन पीछे है और कोई चमत्कार ही उसे अब फाइनल तक पहुंचा सकता है।
शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों जीवनजोत सिंह के 68, रविइंदर सिंह के 74 और तरुवर कोहली के 59 रन की मदद से पंजाब एक समय मजबूत दिख रहा था लेकिन टी के बाद जल्दी-जल्दी पांच विकेट गंवाकर पंजाब मुश्किल में फंस गया। जयदेव उनादकट ने तीन और और विशाल जोशी ने चार विकेट लेकर पंजाब को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।