अंडर 19 टीम इंडिया के कप्तान
पृथ्वी शॉ वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए और अपनी इस जीत पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हमारे साथ काफी यादें जुड़ चुकी है। मैं अभी बहुत खुश हूं लेकिन अभी मेरे पास इस खुशी को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि विश्वकप जीतने के लिए उन्हें क्या करना पड़ा ? इस पर भारतीय कप्तान ने कहा कि यहां ज्यादा भावनाएं नहीं थी और हम लोग मजाक और मस्ती में थे। हम लोग 2 साल से लगातार साथ खेल रहे हैं और इसी वजह से हम टूर्नामेंट का इंतजार कर रहे थे। कप्तान के रूप में जब मैं दबाव में था तो मुझे टीम से काफी सहयोग मिला।
शॉ ने न्यूजीलैंड में मिले भारतीय समर्थन की भी जमकर तारीफ की और कहा 'काफी लोग हमारा मैच देखने आए और हमारा हौसला बढ़ाया। मैदान और बाहर जो लोगों का प्यार मिला उसकी हमें उम्मीद नहीं थी।'
शॉ ने फाइनल में शतक जमाने वाले
मनजोत कालरा की तारीफ करते हुए कहा, 'यह शतक काफी खास था।
गिल फॉर्म में था, लेकिन आउट हो गया। हमारे तेज गेंदबाजों
कमलेश नागरकोटी और
शिवम मावी ने शानदार प्रदर्शन किया।'
शॉ ने अंत में कहा कि न्यूजीलैंड में खेलते हुए मैंने काफी कुछ सीखा। उन्होंने मुख्य कोच
राहुल द्रविड़ और गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे का महान बताते हुए कहा कि उन्होंने हमें बताया कि यहां कैसे खेलना है।