द्रविड़ ने अपने परिवार और करीबियों का शुक्रियाअदा करते हुए कहा, 'मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिनकी वजह से मैं खेल में अपना करियर बना सका और अपने सपनों को पूरा कर सका। अपने माता-पिता, अपने परिवार पत्नी और दोनों बच्चों, अपने बहुत सारे दोस्तों और जिन खिलाड़ियों के साथ और जिनके विरुद्ध मैंने क्रिकेट खेली, जिन्होंने मेरे खेल को मजबूत किया उन सभी का शुक्रिया।'
बकौल द्रविड़, 'मैं अपने उन सभी कोच का शुक्रियाअदा करना चाहूंगा, जिन्होंने मुझे स्कूल से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम में खेलते हुए मेरे खेल और क्षमता में इजाफा करने में मदद की। यदि उन्होंने मुझे प्यार और सहयोग नहीं दिया होताघ् तो आज मैं यहां नहीं होता। मैं उन सभी का सच्चे दिल से आभारी हूं। मैं इंडिया ए टीम की कोचिंग की जिम्मेदारियों के निर्वहन के कारण स्वयं यह सम्मान हासिल करने नहीं पहुंच सका। मैं इस सम्मान को पाकर बेहद खुश हूं और ये हमेशा मेरे दिल के सबसे करीब रहेगा।'
राहुल द्रविड़ (1996- 2012) ने अपने टेस्ट करियर के दौरान 13,288 रन बनाए और सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में सचिन तेंदुलकर (15921), रिकी पोंटिंग (13378) और जैक कैलिस (13289) के बाद चौथे नंबर पर हैं। उन्होंने 2000 के दशक में भारत की कई बड़ी टेस्ट विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यादगार के तौर पर 2003 के एडिलेड टेस्ट में 233 और नाबाद 72 रनों की पारी उनमें से एक है।
हॉल ऑफ फेम में शामिल अब तक खिलाड़ियों की कुल संख्या 87 हो गई है। इसमें 7 महिलाएं और 80 पुरुष क्रिकेटर शामिल हैं। इस सूची में सबसे ज्यादा खिलाड़ी इंग्लैंड( 28), ऑस्ट्रेलिया(25), वेस्टइंडीज(18), पाकिस्तान(5), भारत(5), न्यूजीलैंड(3), दक्षिण अफ्रीका(2) और श्रीलंका का एक खिलाड़ी शामिल है। 2009 में इसकी स्थापना हुई थी।
दुनियाभर के क्रिकेटरों में तकनीकि रूप से सर्वाधिक दक्षता वाले राहुल द्रविड़ का डिफेंस बेहद मजबूत था। इसी वजह से उन्हें 'द वॉल' के नाम से दुनिया भर में पहचान मिली। वह भारत के सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों में से एक और दुनिया में टेस्ट क्रिकेट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।