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IND vs SA: 'नीतीश अगर प्लेइंग-11 में नहीं हैं, तो उन्हें स्क्वॉड में चुना क्यों?' अश्विन का चयनकर्ताओं से सवाल

Tue, 02 Dec 2025 01:24 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अपने यूट्यूब शो में बात करते हुए अश्विन ने कहा, 'अगर हार्दिक के बिना ही नीतीश कुमार रेड्डी को जगह नहीं मिल रही है, तो स्क्वॉड चयन में गंभीर समस्या है।'
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अश्विन का हार्दिक नीतीश पर बयान - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज में मिली जीत के बाद टीम चयन को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। टीम इंडिया के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को खेलने का मौका न मिलने पर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़ा किया है। नीतीश को इस सीरीज में हार्दिक पांड्या के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया था, क्योंकि हार्दिक चोट से उबर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद वह पहले वनडे में प्लेइंग-11 में शामिल नहीं हुए, जिससे चयन नीति पर चर्चाएं तेज हो गईं।
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'अगर नीतीश बाहर, तो चयन गलत है'
अपने यूट्यूब शो में बात करते हुए अश्विन ने कहा, 'अगर हार्दिक के बिना ही नीतीश कुमार रेड्डी को जगह नहीं मिल रही है, तो स्क्वॉड चयन में गंभीर समस्या है।' अश्विन ने जोर देकर कहा कि नीतीश को इसलिए चुना गया क्योंकि वह हार्दिक की तरह फास्ट-बॉलिंग ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकते हैं और समय के साथ और बेहतर बन सकते हैं।

गंभीर, पडिक्कल और नीतीश - फोटो : ANI
'चयन की सोच क्या है? स्पष्टता होनी चाहिए'
अश्विन ने सवाल उठाया कि अगर वह प्लेइंग-11 में फिट नहीं हो रहे, तो फिर उन्हें क्यों चुना गया?' उन्होंने कहा कि सेलेक्टर्स को भविष्य के लिए निवेश करने वाले खिलाड़ियों को उचित मौके देने चाहिए, और नीतीश ऐसा ही खिलाड़ी हैं।

नीतीश का अब तक का सफर
भारत के लिए नीतीश ने 2024 में डेब्यू किया था। वह अभी तक तीनों प्रारूपों में 16 मैच खेल चुके हैं। लेकिन कई मैचों में या तो नहीं खेले या फिर कम इस्तेमाल हुए। कई विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने नीतीश को चुना तो सही, लेकिन उन्हें सही रोल या भरोसा नहीं दिया जा रहा।
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टीम इंडिया की रणनीति पर सवाल
हार्दिक की गैरमौजूदगी में टीम को एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की जरूरत थी। नीतीश के पास गति, बल्लेबाजी और फिटनेस, तीनों की क्षमता है। इसके बावजूद उनका प्लेइंग-11 में न होना चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया। अश्विन के बयान ने भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयन नीति पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि क्या आने वाले मैचों में नीतीश को मौका मिलता है या वह बेंच पर ही बैठे रहेंगे।
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