फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तो क्या भज्जी, वीरू को मिला है आखिरी मौका

Mon, 11 Feb 2013 07:09 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में ओपनर वीरेंद्र सहवाग को जगह मिली तो गौतम गंभीर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। सुरेश रैना और युवराज सिंह जगह बनाने में नाकाम रहे। वहीं, गेंदबाजों में हरभजन सिंह की वापसी हुई तो शमी अहमद को मौका नहीं दिया गया। क्रिकेट विशेषज्ञों की माने तो चयन ने कई सवाल छोड़ दिए हैं।
विज्ञापन


पहला सवाल यह है कि क्या वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह को आखिरी मौका मिला है। दूसरा सवाल यह क्या गंभीर और रैना के लिए यह चेतावनी है। हालांकि इसका जवाब संदीप पाटिल की अगुआई वाली चयन समिति में मौजूद सदस्य ही जानते होंगे। लेकिन टीम में जगह बनाने को लेकर खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा साफ दिखाई दे रही है।

अभ्यास मैच से पहले क्यों चुनी गई टीम
सवाल यह भी है कि सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो अभ्यास मैच होने हैं तो फिर ईरानी ट्रॉफी के बाद ही टीम का चयन क्यों कर दिया गया। चयनकर्ताओं को दो अभ्यास मैचों तक इंतजार करना चाहिए था। सहवाग को पुराने रिकॉर्ड को आधार पर तो जगह मिली गई लेकिन उनके लिए यह करो या मरो की सीरीज मानी जा रही है।
विज्ञापन


भज्जी के चयन पर सवाल
हरभजन सिंह को भी पुराने रिकॉर्ड के आधार पर भी जगह मिली है। उनके लिए अपनी पुरानी धार को लाना काफी मुश्किल होगा। हालांकि ईरानी ट्रॉफी में उनके तेवर जरूर देखने को मिली। ऐसे में उन्हें एक बार फिर पुरजोर प्रयास करने होंगे। ओपनिंग की चर्चा करें तो गौतग गंभीर को बाहर करना खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट संकेत है कि अब उन्हें अच्छे खेल दिखाने होंगे। बगैर निरंतरता के टीम में जगह बनाना मुश्किल है।

आखिर क्यों नहीं हुआ शमी का चयन
नंबर छह की बात करें तो सुरेश रैना, युवराज सिंह और रविंद्र जडेजा में होड़ थी। एक स्पिनर आलराउंडर के रूप में जडेजा ने यहां बाजी मारी। गेंदबाजी में शमी अहमद को टीम में शामिल नहीं करना भी सवालों के घेरे में है क्योंकि उनकी स्पीड अनुभवी इशांत, भुवनेश्वर कुमार और अशोक डिंडा से ज्यादा है। उमेश यादव चोटिल हैं और जहीर खान क्रिकेट छोड़ने के कगार पर है। ऐसे में इन खिलाड़ियों को अवसर भुनाने का अच्छा मौका है। बल्लेबाजों में युवा मुरली विजय, अजिंक्य रहाणे और शिखर धवन के पास सुनहरा मौका है।  

दिग्गजों ने एक सुर में उठाए टीम चयन पर सवाल
‘सहवाग को खेलते लंबा समय हो गया है, उन्हें अब निरंतरता दिखानी होगी। यह सीरीज उनके लिए बेहद अहम है। लंबे समय से उनका बल्ला खामोश है और सबसे बड़ा सवाल उनकी फील्डिंग को लेकर है।’
- सयैद किरमानी, पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज

‘वर्ल्ड कप जीतने के बाद खिलाड़ी ज्यादा लापरवाह हो गए हैं। वे ऐसे व्यवहार करने लगे हैं जैस विश्व कप जीतने के लिए देश उनका अहसानमंद है, जो स्वीकार नहीं किया जा सकता।’
- सुनील गावस्कर

‘शमी को टीम में रखना अच्छा होता। कम से कम टीम में रहने से भी खिलाड़ी बाहर बैठकर सीखता ही तो है। उनका टीम में न होना निराशाजनक है। हमें बेंच स्ट्रैंथ भी तो बनानी चाहिए, जो नहीं हो रहा है। भुवनेश्वर को केवल वन-डे और घरेलू क्रिकेट का अनुभव है, जो काफी नहीं है।’
विज्ञापन

- श्रवण कुमार, क्रिकेट कोच

‘जडेजा को कुछ विकेट जरूर मिले है लेकिन वह बहुत अच्छी श्रेणी के स्पिनर नहीं है।’
- अमरनाथ शर्मा, कोच
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें