शादाब खान ने विक्ट्री लैप पर कही यह बात
दरअसल, कराची के नेशनल बैंक स्टेडियम में मुल्तान सुल्तांस को हराने के बाद इस्लामाबाद यूनाइटेड के खिलाड़ियों ने फलस्तीन के झंडे के साथ विक्ट्री लैप लिया। नसीम शाह और उनके भाई हुनैन शाह, शादाब खान उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने इस झंडे के साथ पूरे मैदान का चक्कर लगाया। मैच के बाद शादाब से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- यह हमारे लिए बहुत जरूरी था।
पिछले महीने ही पीएसएल में हुआ था विवाद
पिछले ही महीने पाकिस्तान क्रिकेट फैन को कराची के स्टेडियम में घुसने से रोका गया था। उसने फलस्तीन का झंडा ले रखा था। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गार्ड्स ने पीएसएल के टिकट में प्रिंट की गई जानकारी का अनुसरण करते हुए उस शख्स को फलस्तीन के झंडे के साथ मैदान में घुसने से रोका था। टिकट में साफ-साफ लिखा है- किसी भी तरह के पोस्टर्स, बैनर्स, प्लेकार्ड्स, जिसमें धार्मिक, राजनीतिक या नस्लीय भेदभाव को लिखकर या तस्वीरों के रूप में बताया गया है, सख्त वर्जित है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, गार्डों ने पीएसएल टिकटों के पीछे छपे नियमों और शर्तों में से एक का पालन करते हुए अपना काम किया था।
फाइनल के बाद खिलाड़ियों ने बनाया मजाक
फाइनल मैच के बाद खुद खिलाड़ियों ने उन नियमों का धड़ल्ले से मजाक उड़ाया। इसके साथ ही आईसीसी का भी मजाक उड़ाया। आईसीसी ने भी इन पोस्टर्स, बैनर्स और प्लेकार्ड्स पर सख्त मनाही कर रखी है। खिलाड़ियों को इस तरह के मैसेज देने की सख्त मनाही है। इसके बावजूद पाकिस्तान में फलस्तीन के झंडे के साथ विक्ट्री लैप पर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कुछ फैंस ने इसकी आलोचना की है तो कुछ इसका समर्थन कर रहे हैं।