दिल्ली कैपिटल्स की जान पृथ्वी शॉ अपनी तकनीक में किए गए कुछ बदलावों से आईपीएल 2021 में कमाल कर रहे हैं। पृथ्वी ने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया दौरे में खराब प्रदर्शन के चलते टीम से बाहर होने के बाद अपनी तकनीक को लेकर काफी चिंतिंत थे। हालांकि अब 14वें सीजन के शुरुआती तीन मुकाबलों में उनके बल्ले ने जमकर रन उगला है। 21 वर्षीय शॉ लगातार रन बना रहे हैं।
बीते साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेले गए एडिलेड टेस्ट में लचर प्रदर्शन के कारण शॉ को बाकी मुकाबलों के लिए ड्रॉप कर दिया गया था। हालांकि एडिलेड टेस्ट के बाद उन्होंने घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में आठ मुकाबलों में कुल 827 रन बनाए। टूर्नामेंट के इतिहास में इतना अच्छा प्रदर्शन किसी खिलाड़ी ने नहीं किया था।
आईपीएल 2021 के पहले मुकाबले में ही शॉ ने चेन्रई के खिलाफ 38 गेंदों में शानदार 72 रन बनाए थे। अपने खेल के बारे में बात करते हुए शॉ ने कहा कि मैंने अपने शुरुआती पलों के खेल में काफी सुधार किया है। ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद विजय हजारे ट्रॉफी से पहले मैंने अपने कोच प्रशांत शेट्टी सर और प्रवीन आमरे सर के साथ काम किया और वह मेरे लिए काफी लाभदायक रहा। मैंने विजय हजारे ट्रॉफी में कुछ तकनीकी बदलावों के साथ अपना स्वाभाविक खेल खेला जो मेरे पक्ष में गया।
इसके साथ ही शॉ ने कहा कि, आईपीएल 2021 के लिए मुझे ज्यादा अभ्यास करने का मौका नहीं मिला, परंतु प्रशांत सर, प्रवीन सर और रिकी पोंटिंग सर के साथ मैंने बहुत कुछ सीखा। दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग के बारे में बात करते हुए शॉ ने कहा कि, वे मुझे पूरी छूट देते हैं अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए। हम हमेशा इसपर चर्चा करते हैं कि पहले 6 ओवरों में एक अच्छी पार्टनरशिप काफी महत्वपूर्ण है।
रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पंजाब के खिलाफ भी शॉ ने 17 गेंदों में 32 रनों की धमाकेदार पारी खेली। वहीं शिखर धवन ने भी 49 गेंदों में 92 रनों की शानदार पारी खेली। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब ने 195 रन बनाए। 196 रनों का पीछा करने उतरी दिल्ली ने 18.2 ओवरों में 6 विकटों से जीत हासिल कर ली।