अंबाती रायडू : कप्तान विराट कोहली पहले हैदराबाद के इस बल्लेबाज का समर्थन करते रहे हैं। पिछली नौ पारियों में रायडू ने 56 की औसत से 341 रन बनाए हैं जिसमें उनकी स्ट्राइक रेट 93 रन की है। पिछले साल आईपीएल में रायडू ने चेन्नई सुपरकिंग्स को खिताब दिलाने में मदद की थी।
दिनेश कार्तिक : विकेटकीपर बल्लेबाज अतिरिक्त विकल्प हैं। हालांकि अनुभवी धोनी के होते उन्हें सीमित मौके मिलते हैं लेकिन उन्होंने चुनींदा मौकों को अच्छा भुनाया भी है। निदहास ट्रॉफी में आठ गेंदों में नाबाद 29 रन की पारी खेली थी। गैर-पारंपरिक शॉट भी खेलने में सक्षम हैं ऐसे में अच्छे फिनिशर भी हैं।
धोनी : कभी दुनिया के बेहतरीन फिनिशर कहे जाने वाले धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में लगातार तीन अर्द्धशतक लगाकर दिखा दिया कि वह हर क्रम पर उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में वह दो मैचों में नंबर पांच और एक मैच में नंबर चार पर भी उतरे। नंबर पांच पर उनकी औसत 53 से ज्यादा की रही है।
हार्दिक पंड्या : निलंबन हटने के बाद लौटे ऑलराउंडर भी नंबर चार की रेस में शामिल हो सकते हैं। आक्रामक तेवरों वाले युवा बल्लेबाज उस समय बेहद उपयोगी हो सकते हैं जब टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत हो।
केदार जाधव : उपयोगी बल्लेबाज हैं, 52 मैचों में 900 से ऊपर रन हैं। उनके खाते में दो शतक और चार अर्द्धशतक है। स्ट्राइक रेट भी सौ से ऊपर की है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में नाबाद 61 रन की पारी खेली थी।
दो बार विश्व चैंपियन रह चुकी भारतीय टीम इस बार भी विश्व कप खिताब के प्रबल दावेदारों में शामिल है। विश्व कप 30 मई से 14 जुलाई तक इंग्लैंड में खेला जाएगा। पिछले एक साल में टीम विदेश में तीन वनडे सीरीज अपने नाम कर चुकी है। तेज गेंदबाज के रूप में जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार केअलावा तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में मोहम्मद शमी ने भी अपना स्थान लगभग पक्का कर लिया है। जबकि चाइनामैन बॉलर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने दिखाया है कि जोड़ी के रूप में वह ज्यादा कारगर साबित हो सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ कुलदीप तीन मैचों में आठ और युजवेंद्र चहल छह विकेट ले चुके हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के अगले दो मैचों में कप्तान विराट कोहली नहीं खेलेंगे लेकिन इस संबंध में उनका कहना है कि इससे बल्लेबाजी की गहराई पर असर नहीं पड़ेगा टीम को लय मिल चुकी है। ऑटो मोड में चल रही है।