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जिम्बाब्वे से भिड़ने को तैयार टीम इंडिया, इस बार ये हैं धोनी के धुरंधर

Sat, 11 Jun 2016 11:00 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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महेंद्र सिंह धोनी
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पिछले 4 सालों में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरी वनडे सीरीज खेलने जा रही टीम इंडिया लगातार जीत के कारवां को आगे भी जारी रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। टीम इंडिया ने पिछली दोनों सीरीज में क्लीन स्वीप किया था और अब धोनी की कप्तानी में भी टीम क्लीन स्वीप कर सूपड़ा साफ करने की हैट्रिक लगाना चाहेगी।
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इस बार भारतीय टीम की कमान अनुभवी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में हैं, पिछले 10-12 सालों में भारत की ओर से किसी बड़े कप्तान ने जिम्बाब्वे का दौरा किया है। पिछली दोनों सीरीज आईपीएल के तुंरत बाद खेली गई थी और बीसीसीआई ने बड़े खिलाड़ियों को आराम देते हुए नए खिलाड़ियों पर दांव लगाया और खासे सफल भी रहे। इस बार कमान धोनी के हाथ में है। 3 मैचों की सीरीज का पहला मैच शनिवार को भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े 12 बजे से शुरू होगा।

स्टार खिलाड़ियों विराट कोहली, रोहित शर्मा, सुरेश रैना और आर अश्विन की गैरमौजूदगी में जिम्बाब्वे दौरा कप्तान धोनी के लिए नई चुनौती है। मेजबान देश के खिलाफ शनिवार को पहले वनडे में धोनी की यंग ब्रिगेड नए लुक में नजर आएगी।
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ऐसे में धोनी की कप्तानी में यंग ब्रिगेड को इस दौरे पर अपने कौशल दिखाने का भरपूर मौका है। धोनी की सेना पहले वनडे में नई चुनौती और नए इरादे के साथ मैदान में उतरेगी। इससे पहले भी बेंच स्ट्रेंथ आजमाने की मंशा से भेजी की भारत की युवा टीम ने 2013 और 2015 में जिम्बाब्वे का क्रमश: 5-0 और 3-0 से व्हाइटवाश किया था। इस बार भी धोनी के युवा खिलाड़ी इस दौरे पर अपने बेहतर प्रदर्शन से टीम में अपनी जगह पक्की करने के इरादे से उतरना चाहेंगे।

धोनी के अनुभव के आगे आधे भी नहीं बाकी खिलाड़ी

- फोटो : pti
15 सदस्यीय टीम इंडिया में पांच ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक एक भी मैच नहीं खेला है। ये खिलाड़ी हैं यजुवेंद्र चहल, फैज फजल, मंदीप सिंह, करुण नायर और जयंत यादव। लिहाजा इनके पास अपने आगाज मैच में ही छाप छोड़ने का अवसर है।

वहीं, कप्तान धोनी 11 साल के लंबे अंतराल के बाद इस अफ्रीकी देश के दौरे पर हैं। पिछली बार धोनी 2005 में जिम्बाब्वे में खेले थे, तब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर महज छह महीने का था और सौरव गांगुली भारतीय टीम के कप्तान थे। लेकिन आज की परिस्थिति अलग है। धोनी टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं। उनकी जगह पर विराट कोहली टेस्ट टीम का जिम्मा संभाल चुके हैं।

ऐसे में धोनी के लिए यह दौरा भी अहम मायने रखता है। हालांकि उन्होंने दौरे से पहले ही साफ कर दिया है कि उनके भविष्य और करियर पर फैसला बीसीसीआई करेगी। 

अगर भारत की युवा ब्रिगेड को देखें तो कप्तान धोनी और टीम के बाकी खिलाड़ियों के बीच काफी अंतर है। धोनी ने जितने वनडे खेले हैं, उससे आधे भी बाकी खिलाड़ियों ने मिलकर नहीं खेले हैं। धोनी अब तक 275 वनडे खेल चुके हैं जबकि बाकी खिलाड़ियों ने मिलकर कुल 83 वनडे ही खेले हैं। अगर आप उनमें से अंबाती रायडू (31 वनडे) और अक्षर पटेल (22 वनडे) की भागीदारी को निकाल दें तो सात अन्य खिलाड़ियों के नाम सिर्फ 30 मैच ही हैं। इसके साथ ही केएल राहुल को छोड़कर टीम का कोई भी युवा खिलाड़ी आगामी टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जा रहा है।
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पांडेय, नायर, रायडू और जाधव के लिए अहम है यह दौरा

मनीष पांडेय, करुण नायर, अंबाती रायडू और अक्षर पटेल के लिए यह दौरा काफी अहम है। पाडेय जानते हैं सुरेश रैना के स्थान पर अपना दावा पेश करने के लिए यह बेहतरीन मौका है। ये सभी खिलाड़ी अपने बेहतर प्रदर्शन से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेंगे। दूसरी ओर मेजबान जिम्बाब्वे का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों से लगातार अच्छा नहीं रहा है। फिर भी वुसिमुजी सिबांदा, एल्टन चिगुम्बुरा, हैमिल्टन मास्काद्जा, सिकंदर रजा, क्रेग इर्विन और सीन विलियम्स भारतीय टीम के लिए कुछ समस्याएं खड़ी कर सकते हैं।  

संभावित टीम- भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), केएल राहुल, फैज फजल, मनीष पांडेय, करुण नायर, अंबाती रायडू, केदार जाधव, मंदीप सिंह, ऋषि धवन, जसप्रीत बुमराह, जयंत यादव, युजवेंद्र चहल, जयदेव उनादकट, धवल कुलकर्णी और अक्षर पटेल। 

जिम्बाब्वे : ग्रीम क्रीमर (कप्तान), टेंडाई चतारा, चामू चिभाभा, एल्टन चिुगुम्बुरा, टेंडाई चिसोरो, क्रेग इर्विन, नेविल मादजिवा, टिमीसेन मारूमा, हैमिल्टन मास्काद्जा, वेलिंगटन मास्काद्जा, पीटर मूर, तवांडा मुपारिवा, रिचर्ड मुतुम्बामी, तौराई मुजाराबानी, वुसिमुजी सिबांडा, सिकंदर रजा, डोनल्ड ट्रिपानो और सीन विलियम्स। 
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