वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया जब बृहस्पतिवार को 4 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगी तो उसका लक्ष्य शुरुआती मैच में जीत के साथ सीरीज आगाज करने पर होगा। साथ ही विराट कोहली की युवा टीम पर इस बात की निगाह रहेगी कि यह टीम कैरेबियाई धरती पर सीरीज जीतने की हैट्रिक लगा पाती है या नहीं।
भारत ने वेस्टइंडीज के पिछले दोनों दौरों (2006 और 2011) पर जीत हासिल की थी हालांकि दोनों ही मौकों पर जीत का अंतर 1-0 था। इस बार टीम की कमान कोहली के हाथों में है और मुख्य कोच अनिल कुंबले पहली बार नए अवतार में दिखेंगे। ऐसे में दोनों की जोड़ी चाहेगी कि उन दोनों की जुगलबंदी सफलता के नए मुकाम छुए और जीत के अंतर को बढ़ाए।
कोहली की कप्तानी में भारत को भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर पहली टेस्ट सीरीज जीतने की आस है। दिसंबर 2014 में महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने के बाद कोहली टेस्ट टीम के कप्तान बने थे।
साथ ही साल 2016 में भारत अपना पहला टेस्ट मैच जुलाई में खेलने जा रहा है तो उसका लक्ष्य इस पहले मैच में जीत पर रहेगी।
2016 में 3 आईसीसी खिताब जीतने वाली WI टीम टेस्ट में है 'खराब'
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अगर मेजबान टीम की बात की जाए तो वेस्टइंडीज की टीम ने सीमित ओवरों के खेल में इस साल अब तक बेहद शानदार खेल दिखाया है। इस साल वेस्टइंडीज के खाते में 3 आईसीसी (अंडर-19 वर्ल्ड कप, महिला टी-20 वर्ल्ड कप और पुरुषों की टी-20 वर्ल्ड कप) खिताब आ चुके हैं।
लेकिन इसके उलट क्रिकेट के सबसे पुराने प्रारूप टेस्ट में इस कैरेबियाई टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और वह अगस्त 2012 से कोई भी सीरीज नहीं जीत सकी है। इस दौरान इस टीम को अपने घर और बाहर हर ओर हार ही मिली।
फटाफट क्रिकेट के वर्ल्ड चैंपियंस पर इस बार खासा दबाव होगा कि वह टीम इंडिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में दमदार खेल दिखाए। भारत की तरह वेस्टइंडीज में भी कई नए चेहरे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि टीम में शामिल 4 तेज गेंदबाजों ने मिलकर टेस्ट में 31 टेस्ट मैचों से 40.39 की औसत से 56 विकेट झटके हैं। इसमें एक भी गेंदबाज ने किसी एक पारी में 5 विकेट नहीं झटके हैं।
सीरीज से तुरंत पहले विंडीज टीम को तगड़ा झटका लगा है क्योंकि उसके अनुभवी तेज गेंदबाज जिरोम टेलर ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। जबकि केमार रोच को टीम में रखा नहीं गया है। टेस्ट में गेंदबाज ही जीत का रास्ता खोलते हैं।
सिर्फ जीत नहीं बल्कि बड़ी जीत चाहिए होगी टीम इंडिया को
टीम इंडिया
भारत के लिए विदेशी धरती पर जीत का रिकॉर्ड भले ही बहुत अच्छा न रहा हो, लेकिन इस बार उनके सामने एक कमजोर चुनौती है। बावजूद इसके भारत पर न सिर्फ जीत हासिल करने का दबाव होगा बल्कि उस पर रैंकिंग बचाने के लिए बड़े अंतर से जीत की दरकार भी रहेगी।
शीर्ष पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया और दूसरे नंबर पर काबिज टीम इंडिया को टेस्ट रैंकिंग में अपने स्थान पर कायम रहने के लिए विदेशी धरती पर सीरीज में जीत हासिल करनी ही होगी। ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका और भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलनी है।
भारत को 21 जुलाई से एंटीगा में पहला मैच खेलना है जबकि ऑस्ट्रेलिया की श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआत 26 जुलाई से पल्लिकल में होगी। टीम इंडिया आठवें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज से 44 अंक आगे है जबकि ऑस्ट्रेलिया सातवें स्थान पर मौजूद श्रीलंका से 33 अंक की बढ़त बनाए हुए हैं।
यदि भारत और ऑस्ट्रेलिया सीरीज नहीं जीत पाते हैं तो उनके अंकों में गिरावट आएगी। भारत को अपने 112 अंक पर कायम रहने के लिए वेस्टइंडीज को कम से कम 3-0 से हराना होगा। यदि भारतीय टीम 3-1 से जीती या 2-0 से भी जीती तो भी उसके अंक 110 हो जाएंगे। दूसरी ओर, यदि वेस्टइंडीज 3-1 से 2-0 से जीतने में सफल रही तो भारतीय टीम 98 अंक पर फिसल सकती है।
सीरीज से पहले रिचर्ड्स से की कोहली ने मुलाकात
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टेस्ट सीरीज से एक दिन पहले भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स से मुलाकात की। और उन्होंने माना कि उनसे मिलकर वह काफी खुश हैं। कोहली ने रिचर्ड्स से मिली सलाह को अनमोल करार दिया।
भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज एंटीगा के सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में खेला जाएगा। रिचर्ड्स ने भारतीय टीम के होटल में आकर मेहमान टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की।