लंबे इंतजार के बाद युवराज सिंह और तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के लिए वो समय आ गया है जिसका इंतजार उन्हें लंबे समय से था। 26 जनवरी को एडिलेड में टीम इंडिया जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टी-20 मैच खेलने उतरेगी तो इन अनुभवी क्रिकेटरों को उम्मीद होगी कि उन्हें फिर से नीली जर्सी पहनने का मौका मिलेगा।
युवराज लगभग 2 साल बाद तो नेहरा 4 साल बाद भारतीय टीम में शामिल किए गए हैं और अब उन्हें मैदान पर उतरने का इंतजार है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 3 मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मैच 26 जनवरी को एडिलेड में भारतीय समयानुसार 2:08 बजे खेला जाएगा। टीम इंडिया ने सिडनी वनडे में रिकॉर्ड 331 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी जिससे 5 मैचों की सीरीज में उनका सूपड़ा साफ होने से बच गया था।
इस धमाकेदार जीत के बाद टीम इंडिया का मनोबल बढ़ा हुआ हो सकता है और उसके खिलाड़ी जोश में हो सकते हैं। कप्तान धोनी के लिए भी राहत की बात होगी क्योंकि नवोदित तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी टीम में होंगे जिन्होंने अंतिम वनडे मैच में प्रभावशाली गेंदबाजी की थी। बुमराह ने कंगारू कप्तान स्टीवन स्मिथ का कीमती विकेट सस्ते में लिया था और उनके आते ही टीम को साल की पहली जीत भी नसीब हुई थी।
टीम इंडिया से 4 भारतीय कर सकते हैं करियर की शुरुआत
वनडे सीरीज हार के बाद टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में बेहतर प्रदर्शन कर मार्च-अप्रैल में अपनी सरजमीं पर होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पूर्व सही संतुलन हासिल करने की कोशिश करेगी।
टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने वनडे सीरीज के दौरान फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं। वह रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं। विराट कोहली का तीसरे नंबर पर खेलना तय है। युवराज सिंह 2014 में बांग्लादेश में वर्ल्ड कप फाइनल के बाद फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। युवराज, सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी क्रमश: चौथे, पांचवें और छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।
वनडे की तरह इस सीरीज में भी एक बार फिर से बल्लेबाजों का बोलबाला देखने को मिल सकता है ऐसे में फिर से बल्लेबाजों पर पूरा दारोमदार रहेगा।
वहीं दोनों ही टीमों से 4-4 खिलाड़ी टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत कर सकते हैं। भारत के लिए रिषि धवन, गुरकीरत सिंह मान, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। वहीं कंगारू टीम की ओर से नाथन ल्योन, ट्रेविस हेड, एंड्रयू ताइ और स्कॉट बोलैंड से भी पदार्पण की संभावना है।
'किसी की भी जगह फिक्स नहीं, जरूरत के आधार पर होगा चयन'
टी-20 सीरीज से पहले टीम इंडिया के डायरेक्टर रवि शास्त्री ने कहा कि अनुभव को सुपर मार्केट में नहीं खरीदा जा सकता। युवराज सिंह, हरभजन सिंह और आशीष नेहरा जैसे सीनियर खिलाड़ी तभी खेलेंगे जब वे टीम संयोजन में फिट बैठेंगे क्योंकि टीम प्रबंधन का ध्यान आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप पर है।
टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ ही अपने आईसीसी वर्ल्ड टी-20 की तैयारियों को शुरू करेगी। टीम में सीनियर तिकड़ी को शामिल करने पर शास्त्री ने कहा, "वे मैदान पर उतरने के लिए बेताब हैं। यहां से टी-20 वर्ल्ड कप तक हर मैच महत्वपूर्ण है। यह हमें अलग-अलग खिलाड़ियों को आजमाने और सही संयोजन तलाशने का मौका देगा।" उन्होंने आगे कहा, "आप ऑस्ट्रेलिया या घर में जिस हालात में खेल रहे हो उसके अनुसार सर्वश्रेष्ठ संयोजन चुनना हमारा लक्ष्य है। सही संयोजन के अनुसार अगर सीनियर खिलाड़ियों को खेलना चाहिए तो वे खेलेंगे। मतलब साफ है कि अगर जूनियर खिलाड़ियों को खेलना चाहिए तो वे खेलेंगे। हम जीत के लिए सही संयोजन की तलाश में हैं।"
पूर्व भारतीय कप्तान इस बात से सहमत हैं कि सही संयोजन युवा और सीनियर खिलाड़ियों को मिश्रण होगा। बकौल शास्त्री, "युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का सही संयोजन अहम है। टी-20 प्रारूप और डेथ ओवर में गेंदबाजी में अनुभव का कोई शॉर्टकट नहीं है। आज प्रत्येक वनडे में 300 से ज्यादा रन बन रहे हैं। पांच साल पहले 260 रन काफी होते थे लेकिन जब से टी-20 क्रिकेट आया है, बल्लेबाज शुरू से ही जोखिम उठाने लगते हैं और वे बड़े शॉट खेलते हैं। एक गेंदबाज के तौर पर उनके शॉट को रोकने के लिए आपको अनुभव चाहिए।"
हालांकि टीम डायरेक्टर ने युवराज को खेल बदलने वाला और मैच का रुख अपनी ओर मोड़ने वाला खिलाड़ी बताया। शास्त्री ने कहा कि वह इस मौके को जरूर भुनाएंगे। टी-20 में उसका रिकॉर्ड शानदार है और वह मैच विजेता है।
द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में खराब है टीम इंडिया का रिकॉर्ड
टीम इंडिया ने वर्ष 2006 में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में फटाफट प्रारूप को जगह मिलने के बाद से इस प्रारूप में कुल 57 मैच खेले हैं जिनमें 28 उसने पांच टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान 2007, 2009, 2010, 2012 और 2014 में खेले। धोनी इस प्रारूप में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाले कप्तान हैं।
भारत ने अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच दिसंबर 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था और तब से उसने द्विपक्षीय सीरीज में 29 मैच खेले हैं। इसमें उसका रिकॉर्ड काफी अच्छा नहीं है। भारत ने 14 में जीत दर्ज की है जबकि 15 में उसे हार का सामना करना पड़ा है।
संभावित टीम-
ऑस्ट्रेलिया: ऐरोन फिंच (कप्तान), डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, ग्लेन मैक्सवेल, शॉन मार्श, क्रिस लियोन, जेम्स फॉकनेर, मैथ्यू वेड, नेथन लियोन, कैमरन बॉयस, ट्रेविस हेड, जॉन हेस्टिंग्स, स्कॉट बोलैंड, केन रिचर्डसन, एंड्रयू टाइ, शॉन टैट और शेन वॉटसन।
भारत: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या, गुरकीरत मान, रिषि धवन, रविंद्र जडेजा, आर. अश्विन, हरभजन सिंह, जसप्रीत बुमराह, आशीष नेहरा, उमेश यादव और अजिंक्य रहाणे।