आईपीएल की अन्य टीमों ने जहां इस बार की नीलामी में कुछ खिलाड़ी ही बदले थे, वहीं दिल्ली डेयरडेविल्स ने पूरी की पूरी टीम ही बदल दी थी। उम्मीद थी कि इस बार उसकी किस्मत पलटेगी और टीम जीत की पटरी पर दौड़ेगी।
मगर इसके बावजूद आईपीएल-8 के दूसरे चरण में दिल्ली की टीम अब ऐसे मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां से एक हार प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी बारीक सी उम्मीद को भी खत्म कर देगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा।
रायपुर में दिल्ली को शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद का सामना करना है और उसके पास जीत के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। दिल्ली के 11 मैचों में 8 अंक हैं।
वहीं डेविड वार्नर की अगुआई वाली हैदराबाद की टीम अब भी प्लेऑफ में पहुंचने की कोशिशों में जुटी है। बृहस्पतिवार को इस टीम ने राजस्थान रॉयल्स को 7 रन से मात दी थी।
टीम अंक तालिका में 10 मैचों में 10 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। हालांकि टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। वार्नर और शिखर धवन की ओपनिंग जोड़ी ने तो नियमित रूप से बढ़िया प्रदर्शन किया है, लेकिन मध्यक्रम अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका है।
हालांकि राजस्थान के खिलाफ इयोन मोर्गन ने 28 गेंद पर 68 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर टीम को कुछ हद तक भरोसा दिलाया था कि मध्यक्रम भी लय में लौट रहा है। हालांकि टीम का गेंदबाजी आक्रमण शानदार है जो भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा, प्रवीण कुमार, ट्रेंट बोल्ट और डेल स्टेन जैसे कद्दावर गेंदबाजों से सजा है।
जहां तक बात दिल्ली की टीम है तो उसके लिए कोई भी फैसला काम करता नहीं दिख रहा है। श्रेयस अय्यर और कुछ हद तक कप्तान जेपी डुमिनी को छोड़ दें तो बल्लेबाजी क्रम ने निराश ही किया है।
युवराज ने इस सत्र में महज दो अर्धशतक लगाए हैं और वह कभी भी अपने ऊपर लगे आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी के ठप्पे को सार्थक नहीं कर सके। एंजेलो मैथ्यूज भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और संघर्ष ही करते दिखे। जहीर खान के आने से गेंदबाजी थोड़ी मजबूत हुई है, लेकिन बची खुची कसर टीम की फील्डिंग ने पूरी कर दी है जो न तो रन रोकने में सक्षम दिख रही है और न ही कैच लेने में।