सोमवार को बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर की ओर से ट्विटर में एक अहम जानकारी दी गई। अनुराग ने जानकारी सार्वजनिक करते हुए लिखा कि सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण को टीम इंडिया के चयनकर्ता टीम में शामिल किया गया है।
टीम इंडिया के तीनों पूर्व दिग्गजों को शामिल करने के बीच बीसीसीआई ने टीम इंडिया की दीवार राहुल द्रविड़ को अनदेखा किया। द्रविड़ का कहीं भी कोई जिक्र नहीं किया गया।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या बीसीसीआई ने वाकई द्रविड़ की अनदेखी की है या मामला कुछ और ही है। हर परिस्थिति में शांत रहने वाले द्रविड़ ने आईपीएल की राजस्थान रॉयल्स टीम में बतौर कोच खुद को साबित किया है।
द्रविड़ को शामिल न करने के ये हो सकते हैं कारण
सचिन, गांगुली और लक्ष्मण के साथ टीम इंडिया के चौथे दिग्गज राहुल द्रविड़ को शामिल न करने के पीछे बीसीसीआई क्या चाहती है, इस बात का अभी कुछ पता नहीं चल पाया है?
पर हां यह तो स्पष्ट है कि आईपीएल में धूम मचा चुकी राजस्थान रॉयल्स के कोच राहुल द्रविड़ को बीसीसीआई टीम इंडिया को अहम पद जरुर देगी। इस बात पर कोई आश्चर्य भी नहीं कि बीसीसीआई द्रविड़ के लिए टीम में कोई बड़ी भूमिका सोच रही हो।
इस वक्त टीम इंडिया में हेड कोच का पद खाली है। हो सकता है कि बांग्लादेश दौरे पर जाने से पहले राहुल द्रविड़ को टीम के कोच की जिम्मेदारी दी जाए। फिलहाल बीसीसीआई का द्रविड़ को लेकर चुप्पी साधना तो इसी बात की तरफ इशारा करता है।
वेलकम ‘बिग थ्री’ पर यह बोले दिग्गज
वहीं, सचिन, गांगुली और लक्ष्मण को टीम इंडिया की चयनसमिती में शामिल किए जाने पर कई पूर्व दिग्गजों के बयान सामने आए हैं। उन्होंने अपनी राय दी है।
पूर्व लेग स्पिनर इरापल्ली प्रसन्ना का कहना है कि ये बेहतरीन आइडिया है। तीनों महान क्रिकेटरों के हाथ में बड़ा दायित्व है। देश में अच्छे स्पिनरों का अभाव है। हमारे पास अगर अच्छे स्पिनर नहीं होंगे तो टीम बेहतर नहीं कर पाएगी। मुझे उम्मीद है बिग थ्री इस बारे में कुछ सोचेंगे।
इस बीच पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी ने कहा "मैं बहुत खुश हूं कि सचिन, सौरव और लक्ष्मण को सलाहकार समिति में शामिल किया गया है। यह सही दिशा में उठाया गया कदम है।"
इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीआई ने मेरे समय के पूर्व क्रिकेटरों जैसे मोहिंदर अमरनाथ आदि को क्यों भुलाया हुआ है। जब कुंबले ने पहला मैच खेला तब मैं कप्तान था। मैं छह साल कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन का डायरेक्टर रहा लेकिन यह पीड़ा पहुंचाने वाला है कि मुझे एनसीए में कोई भूमिका नहीं दी गई जबकि मैं अकादमी के नजदीक ही रहता हूं।
पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे के अनुसार, यह बेहतरीन कदम है। तीनों साथ खेले हैं और काफी अनुभव है। भारतीय क्रिकेट के लिए चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
पूर्व स्पिनर वेंकटपति राजू ने कहा कि तीनों क्रिकेटरों का अनुभव अनमोल है। भारतीय क्रिकेट को निश्चित रूप से इनसे काफी मदद मिलेगी। नब्बे के दशक के बाद से चीजें बदल गई हैं। कोच की भूमिका अहम है लेकिन सचिन, सौरव और लक्ष्मण जब आपके साथ हो तो खिलाड़ियों का हौसला खुद ब खुद बड़ा हो जाता है।