बांग्लादेश टीम के पाकिस्तान दौरा रद्द करने से दोनों देशों के क्रिकेट रिश्ते और बिगड़ते दिख रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने संकेत दिये हैं कि वह भी बांग्लादेश प्रीमियर लीग के लिए अपने खिलाड़ियों को वहां जाने की अनुमति नहीं देगा। पीसीबी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बांग्लादेश का सुरक्षा कारणों का हवाला देकर यहां अपनी टीम भेजने के निर्णय का स्थगित करना दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों के बीच के संबंधों को प्रभावित करेगा।
पाक बोर्ड द्वारा जारी बयान में कहा गया कि बीपीएल 2013 के लिये हम अपने खिलाड़ियों को बांग्लादेश भेजने से पहले यह सुनिश्चित्त करेंगे कि उन्होंने कहीं पहले से ही किसी और मैच में खेलने के लिये तो करार नहीं किया हुआ है। हमारे इस फैसले का बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के यहां नहीं आने से कुछ भी लेनादेना नहीं है।
पीसीबी अध्यक्ष जका अशरफ ने इससे पहले बीसीबी अध्यक्ष नजमुल हसन के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए कहा था कि अगर बांग्लादेश अपने खुद के ही फैसलों का सम्मान करने में सक्षम नहीं है तो वे उन पर पाकिस्तान आने के लिये दबाव नहीं बना सकते हैं।
अशरफ ने कहा था कि अगर बांग्लादेश को द्विपक्षीय समझौतों का सम्मान करना नहीं आता है तो हम भी उन्हीं की भाषा में इसका जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक बीपीएल का सवाल है तो हमें देखना होगा कि हमारे खिलाड़ियों के पास इसे लेकर समय भी है या नहीं क्योंकि अगले वर्ष से हमारे खुद के भी तय कार्यक्रम होंगे। पीसीबी ने बांग्लादेश की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बेबुनियाद करार दिया।
पीसीबी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान आन का निर्णय बीसीबी का अपना था। हालांकि यह कहना अनुचित होगा कि हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा ही इसके पीछे रहा होगा पीसीबी ने कहा कि पाकिस्तान में हाल के वर्षों में आयोजित हुए क्रिकेट मैचों से स्पष्ट हो जाता है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से पुख्ता है।
उल्लेखनीय हे कि बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुये पाकिस्तान का प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया था। बीसीबी इस तरह से पिछले नौ महीनों में दो बार ऐसे ही कदम उठा चुका है। बीसीबी ने अप्रैल में भी ढाका उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान आने से रोक दिया था।