पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने कहा कि अपने खिलाड़ियों का ध्यान रखना और उनका सहयोग करना बोर्ड की जिम्मेदारी है। हम एक प्लेयर फ्रेंडली पैरेंटल सपोर्ट पॉलिसी लाए हैं, ताकि खिलाड़ी अपने करिअर की चिंता किए बिना जीवन के अहम मोड़ पर सपोर्ट महसूस कर सकें।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अपने खिलाड़ियों के लिए नई पैरेंटल सपोर्ट पॉलिसी लाया है। अब पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी मैटरनिटी लीव ले सकेंगी। लीव लेने के पहले तक वे गैर-खिलाड़ी की भूमिका का कोई भी काम कर सकेंगी। उन्हें 12 महीने की पेड मैटरनिटी लीव भी मिलेगी। साथ ही करार में विस्तार की गारंटी भी दी जाएगी। इस पॉलिसी से पुरुष खिलाड़ियों को भी मदद मिलेगी। वे भी 30 दिन की पेड लीव ले सकेंगे।
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जानकारी के अनुसार इस पैरेंटल पॉलिसी के तहत अगर महिला खिलाड़ी क्रिकेट खेलने के लिए दूसरे देश की यात्रा कर रही हो और इस दौरान उसे अपने बच्चे को संभालने के लिए किसी तरह की मदद की जरूरत हो, तो पीसीबी वह भी उपलब्ध कराएगा। इस पॉलिसी का सबसे पहला फायदा कप्तान बिस्माह मारूफ को हो सकता है, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में मदरहुड की वजह से क्रिकेट से अनिश्चित समय के लिए ब्रेक ले लिया था।
इस पैरेंटल पॉलिसी के संबंध में पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने कहा कि अपने खिलाड़ियों का ध्यान रखना और उनका सहयोग करना बोर्ड की जिम्मेदारी है। हम एक प्लेयर फ्रेंडली पैरेंटल सपोर्ट पॉलिसी लाए हैं, ताकि खिलाड़ी अपने करिअर की चिंता किए बिना जीवन के अहम मोड़ पर सपोर्ट महसूस कर सकें।' उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि इससे हम देश की और महिलाओं को इस खेल के प्रति आकर्षित कर सकेंगे।'
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उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया पहले ही अपने देश के खिलाड़ियों के लिए इस तरह की पैरैंटल पॉलिसी ला चुके हैं। बता दें कि साल 2019 में एमी सेटर्थवेट इस पॉलिसी का फायदा लेने वाली न्यूजीलैंड की पहली खिलाड़ी थीं। इसके साथ ही क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) भी तीन साल तक अपने देश के खिलाड़ियों की यूनियन (ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन) से चर्चा करने के बाद 2019 में इस तरह की एक पैरेंटल पॉलिसी लेकर आया था।